रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार का बजट सोमवार को विधानसभा में पेश हुआ इस बार एक 1 लाख 65 हज़ार करोड रुपए का बजट पेश किया गया है।
साय सरकार का दूसरा बजट 1.65 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में 2025-26 का विकासोन्मुखी बजट पेश करते हुए बस्तर के विकास और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया है। इस बजट में बस्तर को एक नए विकास मॉडल के रूप में उभारने तथा नक्सल प्रभावित इलाकों के विकास को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई है।
जिसमें गांव ,गरीब ,किसान इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, रोजगार, इन्वेस्टमेंट समेत तमाम चीजों को ध्यान में रखा गया है। हालांकि विपक्ष ने सरकार के इस बजट को नई बोतल में पुरानी शराब करार दिया।
सोमवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साल 2025 26 का बजट पेश किया करीब 1 लाख 65 हज़ार 100 करोड रुपए के बजट में GATI याने गुड गवर्नेंस, एक्सीलरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ पर पूरा फोकस है। खास बात ये रही कि पूरा बजट वित्त मंत्री ने अपने हाथों से लिख कर सदन में सुनाया। इस बजट में पीएम आवास योजना के लिए 8500 करोड़, महतारी वन्दन योजना के लिए 5500 करोड़, मुख्यमंत्री नगर उत्थान योजना के लिए 500 करोड़, स्वास्थ्य योजनाओं के लिए 1500 करोड़, पीएम श्री स्कूल के लिए 277 करोड़, रायपुर दुर्ग मेट्रो रेल सर्वे के लिए 5 करोड़ का प्रावधान मुख्य रूप से किया गया है। इसके अलावा और भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं का ध्यान इस बजट में रखा गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस बजट को छत्तीसगढ़ के विकास का बजट बताया। मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी की तारीफ करते हुए कहा कि हमारे ज्ञानी वित्त मंत्री ने जो बजट बनाया है उसमें प्रदेश की साढ़े तीन करोड़ जनता का पूरा-पूरा ध्यान रखा गया है।
वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने सरकार के बजट को पूरी तरह से खोखला बताया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कहां की नई बोतल में पुरानी शराब जैसा बजट है, जिसमें कुछ भी नया नहीं है। ना किसानों की बात है, ना मध्यम वर्ग को कोई रहता है। न ही इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर नए प्रावधान किए गए हैं। सिर्फ वादे हैं जो पिछले बजट में भी किए गए थे। हाथ से बजट लिखने पर भूपेश बघेल ने चुटकी लेते हुए कहा कि इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वित्त मंत्री कितने खाली है।
वही बजट पेश होने के 1 दिन पहले विष्णु देव कैबिनेट ने नई शराब नीति के तहत छत्तीसगढ़ में शराब की कीमत कम करने का जो निर्णय लिया है उसको लेकर भी विपक्ष ने सरकार को आधे हाथों लिया। लेकिन बजट में कर्मचारियों को 59% महंगाई भत्ता देने का ऐलान और पूरे प्रदेश में 1 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल के दाम में कमी करने से मध्यम वर्ग के लिए कुछ राहत जरूर है। हालांकि इस बजट में सरकार ने इन्वेस्टमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के जो बड़े-बड़े वादे किए हैं उसके लिए पैसा जुटाना अब सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।