भाजपा, कांग्रेस के नेताओं ने आस्था की डुबकी लगाई तो वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में इसे लेकर सियासत की गंगा बहनी शुरू हो गई.

Chhattisgarh

रायपुर :- उत्तर प्रदेश का प्रयागराज पूरे विश्व के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है.. देश विदेश से लोग आस्था की डुबकी लगाने महाकुम्भ पहुंच रहे है, ऐसे मे छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह के आमंत्रण पर भाजपा और कांग्रेस के विधायकों, सांसदों ने प्रयागराज का दौरा किया.एक तरफ भाजपा, कांग्रेस के नेताओं ने आस्था की डुबकी लगाई तो वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में इसे लेकर सियासत की गंगा बहनी शुरू हो गई. पक्ष और विपक्ष आमने सामने आ गए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सपरिवार की प्रयागराज की यात्रा.साय कैबिनेट सहित भाजपा के विधायक, सांसद और संगठन के नेता भी साथ रहे मौजूद.कांग्रेस से 7 विधायक साय मंत्रिमंडल के साथ प्रयागराज में रहे.
सभी ने एक साथ आस्था की डुबकी लगाई.
कांग्रेस के अधिकतम विधायकों ने प्रयागराज जाने से कर दिया मना.
वहीं भाजपा के कई बड़े चेहरे भी प्रयागराज यात्रा में नहीं दिखाई दिए.
भाजपा विधायक राजेश मूणत, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर, मंत्री ओपी चौधरी, सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू सहित कुछ अन्य भाजपा विधायक विमान से महाकुंभ नहीं गए.
राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के साथ कुल 166 लोग महाकुंभ गए.

छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह के आमंत्रण पर भाजपा के मंत्री, विधायकों और सांसदों ने प्रयागराज महाकुंभ में अमृत स्नान किया.आस्था की डुबकी लगाने वाले भाजपा नेताओं के साथ राज्यपाल रमेन डेका और कांग्रेस के 7 विधायक शामिल हुए.वहीं कांग्रेस के अधिकतम विधायकों ने महाकुंभ जाने के आमंत्रण में दिलचस्पी नहीं दिखाई. जिसके बाद से सूबे की सियासत तेज हो गई..दरअसल कांग्रेस के कई नेताओं ने चुनाव का हवाला देते हुए कुंभ की यात्रा से दूरी बनाई..कुछ नेताओं ने व्यक्तिगत कारण होना बताया.. वहीं कांग्रेस के वह नेता जो प्रयागराज गए उनका कहना था कि कई लोग अपनी आस्था के अनुसार महाकुंभ जाना चाहते हैं.. वही विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने नेताओं के नहीं जाने पर जमकर तंज कसा..रमन सिंह ने कहा कि जिनके तकदीर में कुंभ जाना नहीं है वह कुंभ नहीं गए..तकदीर वाले कुंभ जाते हैं..तकदीर डॉ. रमन सिंह नहीं लिखता..जिनके तकदीर में नहीं वह खारुन नदी में डुबकी लगाए.

ज्ञात हो कि जब नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने महाकुंभ जाने के आमंत्रण को ठुकराया था तब भाजपा ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी..भाजपा ने कांग्रेस को कार्टून पोस्टर के माध्यम से सनातन विरोधी करार दिया था..अब विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह का बयान सामने आने से एक बार फिर महाकुंभ की सियासत ने रफ्तार पकड़ ली..वहीं बात अब केवल कांग्रेस की नहीं रही..भाजपा के भी ऐसे कई नेता हैं जो महाकुंभ यात्रा के सहभागी नहीं बने..पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इन नेताओं को याद कर भाजपा पर तीखा हमला बोला..भूपेश बघेल ने कहा कि ओपी चौधरी, विजय शर्मा, अजय चंद्राकर, राजेश मूणत उनकी किस्मत में नहीं है..किस्मत ऊपर वाले के हाथ में है..ऐसे पर्व में जब बहुत ज्यादा भीड़ रहे तो VIP लोगों को अवॉइड करना चाहिए.इससे काफी ज्यादा अव्यवस्था होती है.

महाकुंभ पर छत्तीसगढ़ में चली सियासत की धार बड़ी नुकीली है..नेताओं की तीखी बयानबाजी ने छत्तीसगढ़ की सियासत को भड़का दिया है..हालांकि महाकुंभ में जाना अपनी अपनी आस्था का विषय है.  डॉक्टर रमन सिंह ने जिस इशारे में अपनी बात रखी. तो यह सोचने वाली  बात बन जाती है कि क्या वह केवल कांग्रेस नेताओं तक सीमित थी. या वह भाजपा संगठन के नेताओं पर भी तंज कस गए.

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