बलौदा बाजार में हुई हिंसा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताई पूरी कहानी

Chhattisgarh

रायपुर : बलौदा बाजार में हुई हिंसा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल  का बड़ा बयान कहा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्बतीफा  दें । दरशल 10 जून को बलौदा बाजार में सतनामी समाज द्वारा प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन था। धीरे-धीरे है प्रदर्शन का रूप उग्र रूप धारण कर लिया और बलौदा बाजार कलेक्ट्रेट में आग लगा दी गई और 200 से अधिक गाड़ियां को जला दिया गया। अनुमान लगाया जा रहा है कि करोडों का शासकीय  छती हुआ। दूसरी तरफ सतनामी समाज का कहना है कि हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने घुसकर ऐसा हरकत किया।

आज कांग्रेस प्रदेश भर में इस मामले को लेकर प्रदर्शन किया।  पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल,गिरीश दुबे,गिरश दिवांगन, प्रमोद दुबे,कांग्रेस के तमाम नेताओं ने उपस्थिति दर्ज की।

प्रदर्शन मंच को संबोधित करते हुए बलौदा बाजार में हुई घटना छत्तीसगढ़ी नहीं बल्कि पूरे प्रदेश कैसा मामला है जिसमें पूरे कलेक्टर प्रसिद्ध परिसर को एक समाज के द्वारा आग लगा दिया गया इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूरी कहानी को बताते हुए कहा है कि

यह घटना गिरौदपुरी में 15, 16 तारीख की है । वहां सतनामी समाज के जैतखाम को छती पहुंचाई है ,उसके बाद समाज के लोगों ने शिकायत की, पुलिस ने कार्यवाही करते हुए वहां भारतीय जनता पार्टी के ठेकेदार हैं उसके जो मजदूरों को पकड़ लिया और उसे गिरफ्तार भी किया और उन्हें जमानत में छोड़ भी दिया ।लेकिन समाज के लोगों इस कार्यवाही से संतुष्ट नहीं थे, उन्होंने फिर ज्ञापन दिया ,बात चलती रहीm इस बीच शासन प्रशासन के लोगों ने कोई बात नहीं की समाज के लोगों से, इस आयोजन में केवल सनम जांगड़े का सभी मीडिया में फोटो छपा है ।और उस आयोजन में 15000 लोगों के भोजन, की व्यवस्था उसके साथ में टेंट भी लगा ,चार दिन से तैयारी भी चल रही थी और यह सब भाजपा के द्वारा किया गया, यह सारी बातें प्रशासन को ना मालूम हो यह हो नहीं सकता ।भारतीय जनता पार्टी के नेता खुद इसमें शामिल है और यही कारण है सभी लोग कि 10:00 बजे से आ गए थे, महाराष्ट्र के भी दो, ढाई सौ लोग आए थे, उसके बाद 10:00 बजे से 5000 लोग इकट्ठा हो गए थे और बेरीकेटिंग की कोई व्यवस्था नहीं थी ,रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया , ना कोई लाठी चार्ज में कोई अश्रु गैस छोड़ा गया है न हीं वाटर कैनन का उपयोग किया गया, और लगातार आग लगाते हुए कलेक्टर परिसर तक पहुंच गए ।तब तक कोई रोक नहीं गया है इसका यह मतलब है कि यह सब राज्य सरकार के द्वारा किया गया है। और यह देश के इतिहास में पहली बार होगा कि जिलाधीश के कार्यालय, एसपी कार्यालय आबकारी ,तहसील कार्यालय आग लगा दिया गया है।भूपेश बघेल ने विष्णु देव साय सरकार पर समाज को अलग करने का सीधा-सीधा आरोप लगाया है और उन्होंने विष्णु देव साय को अपने पद से इस्तीफा देने को कहा है।

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