रायपुर के रुके हुए विकास को लेकर भारतीय जनता आज करेगी विरोध प्रदर्शन

Chhattisgarh

रायपुर। दिनांक 29/12/22,राजधानी रायपुर में विकास के सारे काम अवरुद्ध हो चुके हैं, सरकार यहां के विकासकार्यों में पैसों की बंदरबांट कर रही है। रायपुर अब चारों तरफ से अव्यवस्थाओं से घिर चुका है। कानून व्यवस्था; दूर-दराज के इलाकों को छोड़ो, राजधानी में ही खत्म हो गई है। यह तमाम आरोप मीडिया से बातचीत करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस सरकार पर लगाए।

पूर्वमंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, भूपेश बघेल सरकार रायपुर के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है, रायपुर शहर में किए जाने वाले विकास हेतु सरकार पैसे नहीं दे रही है। जो विकास कार्य किए जा रहे हैं, वे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जा रहे हैं। भूपेश सरकार ने मंत्रियों से लेकर संतरियों तक को सिर्फ और सिर्फ एक ही काम पर लगा रखा है; वह है रायपुर शहर के विकास को अवरुद्ध करना और विकास के पैसों की बंदरबांट करके भ्रष्टाचार करना। इस सरकार ने स्मार्ट सिटी के पैसों को कमीशन खाने का एक बड़ा माध्यम बना लिया है।

भूपेश सरकार ने संपत्ति कर और बिजली बिल दोनों को हाफ करने का वादा किया था; ना ही संपत्ति कर कम हुआ और ना ही बिजली बिल, उल्टा यह दुगने होकर रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के निवासियों की परेशानी का सबब बन गए हैं। विकास कार्य तो सारे रुक ही गए हैं साथ ही इस सरकार के राज में रायपुर शहर में गंदगी लगा हुआ है। रायपुर शहर में रहने वालों को ना ही शुद्ध पीने का पानी उपलब्ध हो पा रहा है ना ही उन्हें चलने के लिए बेहतर सड़कें उपलब्ध हो पा रही हैं। शारदा सड़क के चौड़ीकरण के लिए 4 सालों में अब तक पैसे जारी नहीं हुए, बूढ़ा तालाब की चलती हुई सड़क को इन्होंने बंद कर दिया। यूनिवर्सिटी जो कि छात्र-छात्राओं का क्षेत्र है उसे यह लोग चौपाटी बनाने पर तुले हुए हैं। इन सभी मुद्दों के विरोध में; रायपुर शहर के रूके विकास को लेकर 29 दिसंबर को भारतीय जनता पार्टी अपना विरोध प्रदर्शन करेगी।

*स्काईवॉक की जांच के मामले पर बोले बृजमोहन*

पूर्व मंत्री बृजमोहन ने स्काईवॉक की जांच के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सरकार जांच करे। रोका किसने है..? 4 साल से अब तक यह क्या कर रहे थे..? 4 साल से यह सरकार सोई हुई थी और अब चुनाव के नजदीक आते ही यह जाग गई है। अपने पूरे शासनकाल के दौरान कांग्रेस सरकार, भाजपा के 15 वर्षों के विकास में एक भी खामियां नहीं निकाल पाई और यह आगे भी नहीं निकाल पाएंगे। यह अनिर्णय की सरकार है, असक्षम सरकार है। 4 सालों तक यह निर्णय नहीं ले पाई कि स्काईवॉक का क्या करना है।

बृजमोहन जी ने भूपेश सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि, आप की सरकार है और आप पूरी तरह से स्वतंत्र है। आप यह निर्णय लें कि, स्काईवॉक का क्या करना है। उसे तोड़ना है तो तोड़े, बनाना है तो बनाएं, जांच करानी है तो जांच कराएं। 4 साल तक एक ही मामले को लटका कर रखना जनता के साथ अन्याय व धोखाधड़ी है। सरकार बनाने के एक दिन बाद ही उन्होंने यह कहा था कि स्काईवॉक और एक्सप्रेसवे पर वह जल्द ही निर्णय लेंगे, मगर आज तक वे कोई फैसला नहीं ले पाए, केवल और केवल आम जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।

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