सीएम भूपेश बघेल…मोदी और शाह से मिले,राज्य के बकाया राशि जल्द देने की मांग

Chhattisgarh

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान कई मांगे रखी। मुख्यमंत्री ने जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान को आगामी पांच वर्षो जारी रखने की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती पर हुए सुरक्षा व्यय 11 हजार 820 करोड़ को राज्य पर बकाया को केंद्र द्वारा वहन करने की मांग रखी। साथ ही उन्होंने कोल तथा अन्य खनीजों के रायल्टी में बढ़ोत्तरी करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री नई दिल्ली में आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम को लेकर प्रदेश के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों की बैठक में शामिल होने नई दिल्ली प्रवास पर है। उन्होंने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राज्य के बकाया वित्तीय राशि और अन्य मामलों में उनका ध्यान आकृष्ठ किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि 2021-22 में जीएसटी क्षतिपूर्ति मद में लगभग 6182 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति मिली। किंतु वर्ष 2022-23 में यह राशि केवल प्रथम तिमाही तक ही केंद्र से प्राप्त हुई। उन्होंने जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान को जून 2022 के बाद भी आगमी 5 वर्षाें के लिए जारी रखने की मांग की। उन्होंने केंदीय सुरक्षा बलों के तैनाती के संबंध में राज्य सरकार पर बकाया 11 हजार 828 करोड़ रुपए के एवज में राज्य को देय एरियर्स की राशि में से 1288 करोड़ रुपए का समायोजन किए जाने प्रदान करने की मांग की है।
केंद्रीय करों के संग्रहण की शेष राशि दें
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय करों के संग्रहण में से राज्यों को 42 प्रतिशत राजस्व के अंतरण का प्रावधान है। केंद्रीय बजट में भी इसका प्रावधान किया गया, परंतु विगत तीन वर्षाें से प्रावधानित राशि के विरूद्ध 13 हजार 98 करोड़ रुपए कम प्राप्त हुए। जो केवल 34 प्रतिशत है, इसे प्रदान करने का अनुरोध किया।
लेवी का 4188 करोड़ रुपए की मांग
मुख्यमंत्री ने कोयला मंत्रालय द्वारा वर्ष 2014 तक संचालित कोल ब्लॉकों के कोल ब्लॉक धारियों से प्रति टन 295 रुपए की दर से एकत्र की गई एडिशनल लेवी की बकाया 4188.86 करोड़ रुपए राज्य हस्तांतरण करने की मांग रखी। साथ ही कोयला और अन्य खनिजों की रायल्टी दरों में बढ़ात्तरी करने की लंबित मांग को पूरा करने का अनुराेध किया।

नवीन अंशदायी पेंशन योजना जमा एनपीए वापस कराएं
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2022-23 के बजट में 1 नवंबर 2004 या उसके बाद नियुक्त समस्त कर्मचारियों के लिए नवीन अंशदायी पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की घोषणा की गई है। 11 मई 2022 को इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि पीएफआरडीए एवं एनएसडीएल को एनपीए निधि में राज्य सरकार की जमा राशि की वापसी के लिए निर्देशित करें।
वन भूमि व्यपवर्तन में दें छूट
भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के द्वारा वन संरक्षण अधिनियम के तहत 15 तरह के विकास कार्याें के लिए एक हेक्टेयर भूमि व्यपवर्तन की अनुमति के अधिकारी राज्य शासन को दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि इस सूची में लघु वनोपज के प्रस्संकरण तथा इनसे संबंधित अधोसंरचना को भी शामिल किया जाए। वन क्षेत्रों में 5 मेगावाट तक के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना को हरित गतिविधियों के रूप में मान्य करते हुए वन व्यपवर्तन में छूट की मांग रखी।

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