रायपुर : राष्ट्रपति चुनाव 2022 को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा में तैयारी शुरू हो गई है। निर्वाचन आयोग के माध्यम से पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई जा रही है। राष्ट्रपति पद के लिए 18 जुलाई को मतदान होना है। राष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा, राज्यसभा और प्रदेशों की विधानसभाओं के सदस्य मतदान करते हैं। चुनाव के लिए बैलेट बाॅक्स और बैलेट पेपर दिल्ली से 13 जुलाई तक यहां पहुंचने की संभावना है।
राष्ट्रपति चुनाव में राज्य के सभी विधायक और सांसद के मत वैल्यू के आधार पर जीत-हार का फैसला होगा। छत्तीसगढ़ विधानसभा में 90 विधायक और संसद के 16 सदस्य इस चुनाव में मतदाता हैं। विधानसभा में कांग्रेस का बहुमत है और उसके 71 सदस्य हैं। संसद में भाजपा के 10 सांसद हैं। वहीं कांग्रेस के पास लोकसभा के दो और राज्यसभा के चार मिलाकर 6 वोट हैं। विधानसभा में भाजपा के पास 14, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के पास 3 और बहुजन समाज पार्टी के पास 2 विधायकों का वोट है। इनमें सांसदों का मत मूल्य 700 होगा। वहीं हर विधायक के मतों का मूल्य 129 होगा। राज्य में कांग्रेस यूपीए प्रत्याशी यशवंत सिन्हा का समर्थन कर रही है। कांग्रेस सांसदों और विधायकों का मत मूल्य 13 हजार 359 हो रहा है। भाजपा समर्थित प्रत्याशी द्रोपदी मुर्मू के समर्थन में भाजपा के विधायकों और सांसदों का मत मूल्य 8806 हो रहा है। वहीं जोगी कांग्रेस ने भाजपा समर्थित राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी काे वोट करने का ऐलान किया है। उनके तीन विधायकों का मत मूल्य 387 होगा। बसपा ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
18 को विधानसभा परिसर में मतदान
राष्ट्रपति चुनाव के लिए विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा सहायक निर्वाचन अधिकारी के रूप में भारत निर्वाचन आयोग ने नियुक्त किया है। विधानसभा परिसर में 18 जुलाई को मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही इसकी गिनती के बाद चुनाव के लिए दी गई सारी सामाग्री आयोग को वापस की जाएगी। पूरे मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के माध्यम से समन्वय कर चुनाव प्रक्रिया पूरी की जानी है।
15 को आएंगी द्रोपदी मुर्मू
भाजपा समर्थित राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रोपदी मुर्मू 15 जुलाई को राज्य के विधायकों और सांसदों का समर्थन मांगने छत्तीसगढ़ के दौरे पर आ रही हैं। वे यहां पर भाजपा सांसदों और विधायकों से मुलाकात करेंगी। वे यहां पर 11 बजे पहुंचेंगी। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व संयुक्त विपक्ष के प्रत्याशी यशवंत सिन्हा 1 जुलाई को समर्थन जुटाने राज्य के दौरे पर आए थे।