बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से कई जिलों में फसलें चौपट, किसानों को 8 करोड़ का नुकसान

Chhattisgarh

रायपुर / छत्तीसगढ़ में पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि और बारिश की वजह से 6-7 जिलों में फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। इनमें दुर्ग, बालोद, कवर्धा और बेमेतरा जिले में फसलों को अधिक नुकसान हुआ है। राजस्व विभाग को कलेक्टरों से मिली जानकारी के अनुसार करीब 8 करोड़ से अधिक की क्षति पहुंची है। कलेक्टरों की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद राजस्व विभाग द्वारा इन जिलों में सर्वे कराने के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा।
दिसंबर माह के अंत में 28 और 29 तारीख को हुई बारिश और ओलावृष्टि में खरीफ फसल की कटाई और मिंजाई में किसानों की फसल भीग गई। किसानों को इससे काफी नुकसान हुआ। वहीं रबी फसल के लिए चना और गेहूं की बुआई पर भी असर हुआ है। कवर्धा बालोद और बेमेतरा में बुआई के लिए डाले गए बीज सड़ने की जानकारी किसानों द्वारा दी जा रही है। बताया जाता है कि कई लोगों ने एक-दो दिन पहले ही बीज का छिड़काव किया था, बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में पानी भरने से बीच खराब हो गया। जहां पर अंकुरण आ गया था, वहां फसल आंशिक रूप से खराब होने की जानकारी आई है। बारिश के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी जिलों के कलेक्टरों को फसल के नुकसान का आकलन करने कहा था। एक सप्ताह बाद जिलों से आई रिपोर्ट में फसलों को अधिक नुकसान की जानकारी दी गई है।
सूरजपुर में मकान को क्षति
प्रदेश में हुई ओलावृष्टि से कई जिलों में मकानों को क्षति पहुंची है। इनमें सूरजपुर, बलरामपुर जिले शामिल हैं। जिले के कलेक्टर से मिली रिपोर्ट में कोई जनहानि नहीं बताई गई है। यहां पर ओलावृष्टि के चलते कई मकानों के खपरैल टूटने से नुकसान की जानकारी सामने आई है। ऐसे मकानों की संख्या का आकलन कराया जा रहा है।
जिलों से मिली रिपोर्ट : एक्का
राजस्व विभाग के सचिव एनएन एक्का ने बताया कि पिछले दिनों हुई बारिश से फसलों को अधिक नुकसान की जानकारी जिलों से आई है। दुर्ग, बेमेतरा, कवर्धा और बालोद जिले से फसलों तथा सब्जियों को नुकसान अधिक होने की रिपोर्ट मिली है। राजस्व विभाग इसका सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कर रहा है।

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