अंधे दौड़ में  दौड़ रही चंद्रपुर के अंधे विकास को न्याय कब नसीब होगा!

Chhattisgarh

जाँजगीर – चाँपा  (चंद्रपुर) :  छत्तीसगढ़ में विकास के साथ आगे बढ़ रही है भूपेश सरकार का महत्वाकांक्षी योजना नरवा गरवा घुरवा बाड़ी। छ ग सरकार विकास को लेकर सजग है।

निर्माण की बात कहे तो  जेडनिर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं.” निःसन्देह कलेक्टर साहब का फरमान तारिफे काबिल है,। अब देखना है कि भ्रष्टाचार की  अंधे दौड़ में  दौड़ रही चंद्रपुर के अंधे विकास को न्याय कब नसीब होगा ! एक LED बल्ब का घोटाला निपटा भी न था कि पुनः 3500/- 4000/- की LED को 9000 हजार से अधिक की कीमत पर खरीदने की बात सामने आ रही। वही 2 लाख से अधिक के सेनिटाइजर छिड़काव का भी सुनने को मिल रहा है।

पूर्व CMO एवं परिषद की मिलीभगत से बिना निर्माण के राशि आहरण पर भी कोई कार्यवाही न हुई है। ऐसे में निरन्तर निर्माण एजेंसी द्वारा क्वालिटी कंट्रोल से मिलीभगत कर घटिया निर्माण कराया जा रहा है जो गुणवत्ता की कसौटी से कोसों दूर होने के  साथ ही निर्माण एजेंसी के नौदिन चले अढाई कोस की चाल से है। सूत्र अनुसार कई निर्माण कार्यो के टेंडर, वर्क ऑर्डर बाद भी विकास कार्य से नगर कोसो दूर है। जनप्रतिनिधि के ऐसे उदासीन और मतलब परस्ती रवैये से  जनता त्रस्त है । ऐसे में विपक्ष या आम जनता के जागरूक लोगो को भी नगर विकास की रूपरेखा की देखरेख करने की आवश्यकता है।
कमाऊ पत्रकारिता के कम्बल से बाहर आकर रिपोर्टिंग की आश्यकता है। ताकि समाज एवं अफसर तंत्र को सजग रखते हुए कलेक्टर  के निश्चय को भी यथार्थ के धरातल पर ला कर  शासन की महती योजनाओ को स्वरूप दिया जा सके।  कलेक्टर,  सांसद,  विधायक  इस नगर के अंधे विकास पर यथार्थ की रोशनी लाने की आवश्यकता है।

पूर्व में सीसी रोड बनाई गई थी लेकिन यह सीसी रोड सिर्फ कागजों में रह गई वास्तविकता में देखे तो कहीं नहीं है चंद्रपुर में एक ही जगह में तीन बार बोर खोदाई की गई। कागजों में ही है।एक ही बोर  को 3 बार कैसे खोदा जा सकता है , यह समझ से परे।

सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी जाती है तो  जन सूचना अधिकारी व अपीलीय  जन सूचना अधिकारी जवाब भी देना उचित नहीं समझते हैं ।

सूत्रों का मानना है की चंद्रपुर नगर पंचायत के कर्मचारी और अधिकारी द्वारा इस तरह से मिलीभगत लंबे समय से करते आ रहे हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि यहां नगर पंचायत चंद्रपुर के कर्मचारी सीएमओ को चलाने का पावर रखते हैं।

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