चित्रा पटेल : रायपुर : संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा मै भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को पूछना चाहता हूं जब किसान दिक्कत में थे प्रदेश तकलीफ में था तो प्रदेश की किसानों का धान कैसे खरीदी होगा, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चिट्ठी लिखा। खाद्य मंत्री होने के नाते मैं गया और कृषि मंत्री के नाते रविंद चौबे भी गए दिल्ली, लेकिन टस से मस नहीं हुआ दिल्ली। केंद्र ने बोला कि शासकीय रेट से एक पैसा नहीं दे सकते हो पर हम लोगों ने केंद्र से कहां हमको₹25 क्विंटल में धाम खरीदने की अनुमति दे दो। आपने शासकीय रेट से ज्यादा पैसे में धान नहींं खरीद सकते यदि आप लोगों ने रेड से ज्यादा में धान खरीदा तो केंद्रीय पूल से चावल केंद्र नहीं खरीदेगा। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने आगे कहा की हमको केंद्र के सामने झुकना पड़ा।
खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा शासकीय रेट में खरीदी होगा, लेकिन “जहां चाह वहां राह” है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जज्बा व पराक्रम को मैं सलाम करता हूं कि दिल्ली के रोकने के बावजूद नहीं रुके और छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी किसान योजना लाकर किसानों का मदद करने का काम किया।
अमरजीत भगत ने कहा केंद्र सरकार को मांग पत्र भेजना पड़ता है छत्तीसगढ़ को 475000 गठन की आवश्यकता है। हमने मांग पत्र भेजा 3:30 लाख गठान का और मोदी जी की सरकार ने जब वार्ता शुरू हुआ तो वह 3 लाख गठन देने की बात कही और जब देने की बारी आई तो मात्रा 1 लाख45हजार गठन दिया गया और आधा अधूरा बारदाना में धान खरीदी कैसे होगा इसलिए नवंबर में धान खरीदी नहीं हो पाया और 1 दिसंबर से खरीदी शुरू किया गया।
खाद्यमंत्री भगत ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुझे निर्देश दिया की हमको केंद्र बारदाना पूरा दे या ना दे अमरजीत पूरे पीडीएस से जितना सोसाइटी वहां से पुराना बारदाना को इकट्ठा कराओ जितना मिलर्स है लोगों के पास पुराना पड़ा हुआ है उसको इकट्ठा कराओ और इस बार पुराना बारदाना में धान का खरीदी होगा और जरूरत पड़े तो प्लास्टिक का बोरा ले आओ। इतने दिन के इतिहास में कभी नहीं देखा होगा लेकिन मजबूरी में भी प्लास्टिक बोरी से धान खरीदी करना पड़ रहा है।