होम आइसोलेशन को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं होने कारण भी काफी विसंगतियाँ सामने आ रहीं : श्रीवास्तव

Chhattisgarh

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के उस बयान पर जमकर निशाना साधा है, जिसमें मंत्री सिंहदेव ने प्रदेश को यह दिलासा देने की कोशिश की है कि प्रदेश सरकार कोरोना मरीजों के लिए पर्याप्त बिस्तरों की व्यवस्था कर रही है और डरने की बात नहीं है। श्रीवास्तव ने कहा कि मंत्री सिंहदेव बिस्तरों के साथ-साथ अच्छे इलाज की व्यवस्था पर भी ध्यान दें, खाली टेंट हाउस के किराए के बिस्तर लगा देने से महामारी का इलाज नहीं हो जाएगा। भिलाई के कोविड-19 अस्पताल के एक मरीज के वायरल वीडियो का ज़िक्र करते हुए श्रीवास्तव ने कहा कि उक्त मरीज हाँफते हुए अस्पताल में ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था नहीं होने की बात बता रहा है। अस्पतालों में भर्ती मरीज का इलाज ही प्रदेश सरकार नहीं करा पा रही है और डींगें बड़ी-बड़ी हाँकने में अव्वल है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीवास्तव ने कहा कि आज तो आलम यह है कि प्रदेश की खोज-ख़बर रखने वाला ही कोई नज़र नहीं आ रहा है। सीएम दफ्तर में कोरोना पॉज़ीटिव केस मिलने के बावज़ूद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सियासत का ऐसा चस्का लगा हुआ है कि होम क्वारेंटाइन की नौटंकी पूरी होते ही दिल्ली में ‘परिवार-दरबार’ की परिक्रमा करने दिल्ली चले गए, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव 60 हज़ार कोरोना मामले मिलने की बात कहकर अपने हाथ खड़े कर राजधानी से बाहर हैं, बड़े अधिकारी कोरोना की चपेट में हैं, तो फिर प्रदेश को इस आपदा काल में सम्हालेगा कौन?  श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश के कोविड सेंटर्स में पर्याप्त व्यवस्था और बेहतर इलाज नहीं हो पाने के कारण प्रदेश में कोरोना से मौतों का आँकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। अव्यवस्था का आलम तो यह भी है कि बिलासपुर के बाद अब भिलाई में भी कोरोना मृतकों के शवों की अदला-बदली का एक और मामला सामने आया है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार की होम आइसोलेशन को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं होने कारण भी काफी विसंगतियाँ सामने आ रही हैं। अभी ज़ोनवार होम आइसोलेशन की व्यवस्था करके डॉक्टर्स की सूची उनके फोन नंबर्स के साथ जारी की गई है लेकिन विसंगति यह है कि संबंधित डॉक्टर्स को ही इस बारे में कोई जानकारी नहीं है और मरीज जब उनसे फोन पर संपर्क कर कोई जानकारी मांगते हैं तो डॉक्टर्स अपनी अनभिज्ञता ज़ाहिर करते हैं। श्रीवास्तव ने कटाक्ष किया कि हड्डी रोग के डॉक्टर से कोरोना के इलाज की उम्मीद करके प्रदेश सरकार तो सिर्फ काम करने का दिखावा करने में लगी है, बाकी सोच-समझकर निर्णय लेने की क्षमता की उम्मीद इस सरकार से बेमानी लगने लगी है।

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