रायपुर। राजधानी रायपुर में बंद फैक्ट्री को निशाना बनाकर डकैती करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने हीरापुर स्थित अमरनाथ इस्पात की बंद फैक्ट्री में घुसकर चौकीदार को रस्सी से बांध दिया था। इसके बाद कार्यालय और फैक्ट्री में रखे एल्युमिनियम, कॉपर सहित लाखों रुपये के सामान लेकर फरार हो गए थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से डकैती का सामान और वारदात में इस्तेमाल चारपहिया व दोपहिया वाहन समेत करीब 17 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। मामले में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं।

पुलिस के मुताबिक, घटना 22 अक्टूबर की रात करीब 1:30 बजे की है। अमरनाथ इस्पात की फैक्ट्री वर्ष 2020 से बंद है। यहां चौकीदारी करने वाले दिलीप कुमार वर्मा रात में कार्यालय के पोर्च में बैठे थे। इसी दौरान उन्हें फैक्ट्री की बाउंड्रीवाल के पास एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। चौकीदार ने उसे आवाज देकर रोकने का प्रयास किया तो वह पत्थर मारने लगा। इसी बीच चेहरे पर कपड़ा बांधे सात से आठ अन्य लोग वहां पहुंच गए।
आरोपियों ने चौकीदार को पकड़कर उसके दोनों हाथ पीछे की ओर रस्सी से बांध दिए।इसके बाद आरोपी कार्यालय में घुसे और वहां रखे एल्युमिनियम वायर के बंडल, एल्युमिनियम व कॉपर के सामान, प्लेट, हैलोजन लाइट, नकदी और आलमारी में रखा पैनल कार्ड निकाल लिया। फैक्ट्री में रखी कॉपर क्वाइल भी ले गए। आरोपी फैक्ट्री की साइड की दीवार तोड़कर खेत के रास्ते रिंग रोड की ओर फरार हो गए। शिकायत पर कबीर नगर थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 217/26 के तहत बीएनएस की धारा 127(2) और 310(2) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।हजारों सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंची पुलिसघटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) रॉबिन्सन गुरिया के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा कबीर नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई।

टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ चौकीदार से पूछताछ की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले।पुलिस ने आरोपियों के आने-जाने के संभावित रास्तों पर लगे हजारों कैमरों के फुटेज की जांच की। घटना से पहले और बाद की गतिविधियों का मिलान करने के साथ पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, मुखबिरों से मिली सूचनाओं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई।जांच के दौरान सरोना के डीडी नगर क्षेत्र निवासी संदीप नेताम के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, संदीप ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। इसके बाद अजीत भारती और उमेन्द्र ठाकुर उर्फ उमेन को भी गिरफ्तार किया गया।

एक सप्ताह तक की थी फैक्ट्री की रेकीपुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने डकैती की योजना पहले से बना रखी थी। वारदात को अंजाम देने से पहले करीब एक सप्ताह तक फैक्ट्री की रेकी की गई थी। इस दौरान वहां की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी गई। योजना के मुताबिक, आरोपी टाटा एस वाहन और स्कूटी से फैक्ट्री पहुंचे। चौकीदार को बंधक बनाने के बाद कीमती सामान समेटकर टाटा एस वाहन में रखा और फरार हो गए।17 लाख का सामान और वाहन जब्तपुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एल्युमिनियम वायर, एल्युमिनियम और कॉपर के सामान, एल्युमिनियम प्लेट, हैलोजन लाइट, पैनल कार्ड और कॉपर क्वाइल बरामद की है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल कटर मशीन, ड्रिल मशीन, टाटा एस चारपहिया वाहन और स्कूटी भी जब्त की गई है। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 17 लाख रुपये बताई गई है।

तीनों का पहले भी आपराधिक रिकॉर्डपुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी संदीप नेताम पहले गुढ़ियारी थाने में चोरी और मारपीट के मामले में जेल जा चुका है। उमेन्द्र ठाकुर उर्फ उमेन के खिलाफ टिकरापारा थाने में नकबजनी का मामला रहा है, जबकि अजीत भारती डीडी नगर थाने के प्रतिबंधात्मक प्रकरण में जेल निरुद्ध रह चुका है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप नेताम (35), अजीत भारती (30) और उमेन्द्र ठाकुर उर्फ उमेन (27) के रूप में हुई है।
तीनों रायपुर के निवासी हैं। पुलिस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।पुलिस ने बताया कि रायपुर कमिश्नरेट की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट अब तक चोरी, नकबजनी, मोबाइल स्नेचिंग, लूट और डकैती के 150 मामलों में 237 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इन मामलों में कुल 4 करोड़ 66 लाख 25 हजार 100 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।