रायपुर, 5 अगस्त 2026। रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राजधानी में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा को पत्र लिखकर रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के पुनर्गठन, पुलिस बल की संख्या बढ़ाने और बुनियादी संसाधनों को मजबूत करने की मांग की है।पत्र में उन्होंने कहा कि कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन मैदानी स्तर पर आरक्षक, प्रधान आरक्षक, उपनिरीक्षक और अन्य पुलिसकर्मियों की कमी के कारण अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं। रायपुर ग्रामीण पुलिस भी इसी समस्या का सामना कर रही है।
सांसद ने रायपुर नगर निगम के शहरी स्वरूप वाले कई क्षेत्रों और स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट को ग्रामीण पुलिस के बजाय कमिश्नरेट के अधीन लाने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि इससे पुलिस व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी और संसाधनों का दोहराव भी रुकेगा। उन्होंने भविष्य में चरणबद्ध तरीके से पूरे रायपुर जिले को कमिश्नरेट क्षेत्र में शामिल करने की भी वकालत की।बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि संयुक्त रक्षित केंद्र में वर्तमान में 660 से अधिक पद रिक्त हैं, जिनमें 522 आरक्षक, 43 प्रधान आरक्षक, 82 उपनिरीक्षक, 9 सहायक उपनिरीक्षक और 4 सूबेदार के पद शामिल हैं।
उन्होंने इन रिक्तियों को जल्द भरने के साथ-साथ तत्काल राहत के लिए अन्य जिलों से 500 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की अस्थायी तैनाती की मांग की।उन्होंने यातायात व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि राजधानी की बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के मुकाबले यातायात पुलिस बल बेहद कम है। इसलिए ट्रैफिक पुलिस की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है।सांसद ने यह भी कहा कि कमिश्नरेट गठन के बाद अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, डीसीपी और एसीपी के पद तो स्वीकृत हो गए हैं, लेकिन उनके लिए पर्याप्त कार्यालय भवन और शासकीय वाहन उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने नए कार्यालय भवनों के निर्माण और आवश्यक वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आग्रह किया।सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार राजधानी की सुरक्षा, बेहतर कानून-व्यवस्था और सुगम यातायात को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।