रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र आज, 13 जुलाई से नवा रायपुर स्थित विधानसभा भवन में शुरू हो रहा है। 17 जुलाई तक चलने वाले इस सत्र में कुल पांच बैठकें होंगी। शुरुआत से ही सदन के बेहद हंगामेदार रहने के संकेत हैं, क्योंकि एक ओर सरकार 8 से अधिक संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी में है, वहीं विपक्षी कांग्रेस साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रही है।
विधानसभा सचिवालय में सदस्यों द्वारा एक हजार से अधिक सवाल पहले ही जमा किए जा चुके हैं, जिससे साफ है कि सरकार को कई अहम मुद्दों पर जवाब देना पड़ सकता है।
कांग्रेस ने सत्र के दौरान नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई, किसानों को खाद-बीज की किल्लत, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, अवैध रेत उत्खनन, बिजली कटौती और हसदेव अरण्य में पेड़ों की कटाई जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। वहीं सत्ता पक्ष अपनी योजनाओं, विकास कार्यों और विधायी एजेंडे को मजबूती से सदन के सामने रखने की तैयारी में है।
सत्र के दौरान प्रश्नकाल से लेकर शून्यकाल और विधेयकों पर चर्चा तक सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है। राजनीतिक गलियारों की नजर इस बात पर टिकी है कि कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव सरकार पर कितना दबाव बना पाता है और सरकार विपक्ष के हमलों का किस तरह जवाब देती है।
अब सबकी निगाहें विधानसभा पर हैं, जहां अगले पांच दिनों तक प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा सियासी रण देखने को मिलेगा।