रायपुर। वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि नकटी ग्राम प्रकरण को लेकर कांग्रेस द्वारा राज्य सरकार पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार, भ्रामक और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं। कांग्रेस जनता के बीच भ्रम फैलाकर सरकार की छवि खराब करने का सुनियोजित प्रयास कर रही है, जबकि इस पूरे मामले की वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता को गुमराह कर राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहती है, लेकिन प्रदेश की जनता सच्चाई को अच्छी तरह जानती है।मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जिस भूमि को लेकर आज कांग्रेस राजनीति कर रही है, उसके आबंटन की प्रक्रिया 1 सितंबर 2020 से तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रारंभ हुई थी।

राजस्व अभिलेखों में स्पष्ट उल्लेख है कि यह भूमि हाउसिंग बोर्ड को आबंटित किए जाने के लिए प्रस्तावित थी। आबंटन के लिए भूमि चिन्हित होने के बाद वहां लगातार अवैध कब्जे बढ़ते गए और लगभग 3 हेक्टेयर से बढ़कर 15 हेक्टेयर तक अतिक्रमण फैल गया।उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने इस पूरे प्रकरण में लगातार विधिसम्मत कार्रवाई करने का प्रयास किया। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा कब्जाधारियों के पुनर्वास और व्यवस्थापन के लिए कई बार सहमति बनाने का प्रयास किया गया। कार्रवाई के दौरान भी संवेदनशीलता बरती गई और प्रभावित परिवारों के व्यवस्थापन का प्रयास किया गया।मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस के इस आरोप को पूरी तरह असत्य बताया कि नकटी गांव को पूरी तरह उजाड़ दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नकटी गांव के 17 वार्डों में से केवल एक वार्ड में, जहां सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा था, वहीं कार्रवाई की गई।
पूरे गांव को उजाड़े जाने का प्रचार कांग्रेस द्वारा जानबूझकर फैलाया जा रहा है ताकि लोगों में भ्रम और आक्रोश पैदा किया जा सके।मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस ने इस विधिसम्मत प्रशासनिक कार्रवाई को जन आंदोलन का स्वरूप देने का असफल प्रयास किया। कांग्रेस नेताओं ने प्रभावित लोगों को भड़काने, धरना-प्रदर्शन कराने और सरकार को बदनाम करने की राजनीति की, लेकिन कांग्रेस को जनता का समर्थन नहीं मिला। कांग्रेस आज भी इसी प्रकार की भड़काऊ राजनीति में लगी हुई है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने कार्यकाल को भी याद करना चाहिए। भूपेश बघेल सरकार के समय ग्राम सेरीखेड़ी में लगभग 150 परिवारों को बलपूर्वक हटाया गया था, तब न तो किसी का पुनर्वास किया गया और न ही रहने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। इसके विपरीत विष्णुदेव साय सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रभावित परिवारों को नया रायपुर में आवास उपलब्ध कराया, मकानों की आवास की चाबी सौंपी और सम्मानपूर्वक उन्हें नए आवास तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की।
यही भाजपा और कांग्रेस सरकारों में दृष्टिकोण का सबसे बड़ा अंतर है।मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस अब उन्हीं लोगों को भड़काने का काम कर रही है जिनके लिए राज्य सरकार ने आवास की व्यवस्था की। यह पूरी तरह राजनीतिक षड्यंत्र है। सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है कि किसी भी गरीब, किसान या जरूरतमंद के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।उन्होंने कांग्रेस के इस आरोप को भी निराधार बताया कि उक्त भूमि पर विधायक कॉलोनी बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस भूमि के उपयोग को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। वर्तमान में भूमि राजस्व विभाग के अधीन है और भविष्य में उसका उपयोग हाउसिंग बोर्ड तथा सक्षम विभागों द्वारा नियमानुसार तय किया जाएगा।
इस संबंध में कांग्रेस द्वारा फैलाया जा रहा प्रचार पूरी तरह झूठा और भ्रामक है।मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में ही इस पूरी प्रक्रिया के लिए आवश्यक प्रशासनिक अनुमतियां और एनओसी प्रदान की गई थीं तथा वर्ष 2020 से 2022 के बीच पूरी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। उसी दौरान भूमि पर कब्जों का विस्तार भी हुआ। आज कांग्रेस उन्हीं तथ्यों को छिपाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास जनता के हितों से जुड़ा कोई सकारात्मक मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह लगातार झूठ, भ्रम और उकसावे की राजनीति कर रही है। लेकिन प्रदेश की जनता ऐसे प्रयासों को हर चुनाव में नकार चुकी है और आगे भी कांग्रेस की भ्रामक राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस नकटी मामले को लेकर लोगों को भड़काने और सामाजिक वातावरण बिगाड़ने का प्रयास बंद करे।
यदि वास्तव में कांग्रेस गरीबों के हितों की चिंता करती है तो उसे तथ्यों के आधार पर राजनीति करनी चाहिए, न कि झूठे आरोप लगाकर प्रदेश सरकार की छवि को बदनाम करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।इस दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी एवं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास उपस्थित रहे।