अयोध्या : 1 जुलाई2026, राम मंदिर चढ़ावा मामले में कथित अनियमितताओं और चोरी की जांच के बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के कथित इस्तीफे को लेकर एक बार फिर सस्पेंस गहरा गया है। दोनों के करीबियों का दावा है कि अब तक इस्तीफे की कोई आधिकारिक प्रति सामने नहीं आई है और न ही किसी अधिकृत ट्रस्टी या संबंधित प्राधिकरण ने इसकी पुष्टि की है।करीबियों का कहना है कि यदि इस्तीफा दिया गया है तो वह किसे सौंपा गया? क्या ट्रस्ट के चेयरमैन या बोर्ड ऑफ ट्रस्टी ने उसे स्वीकार किया!

क्या इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान या बैठक का निर्णय सार्वजनिक किया गया? इन सवालों का अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।दावा यह भी किया जा रहा है कि इस्तीफे की खबर केवल बढ़ते जनाक्रोश और दबाव को कम करने के लिए फैलाई गई, जबकि चंपत राय और अनिल मिश्रा अब भी अपने पदों पर बने हुए हैं। ऐसे में पूरे मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।इस बीच, चढ़ावा मामले की जांच तेज करते हुए जांच एजेंसियों ने छह आरोपियों के सात ठिकानों पर छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान आरोपी टिन्नू यादव के घर से नकदी, आभूषण, निवेश से जुड़े दस्तावेज, क्रेडिट-डेबिट कार्ड और बैंक पासबुक सहित कई अहम सामग्री बरामद होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां आरोपियों के सगे संबंधियों की संपत्तियों का भी ब्योरा जुटा रही हैं।अब इस पूरे मामले में दो बड़े सवाल चर्चा के केंद्र में हैं—पहला, कथित इस्तीफे की सच्चाई क्या है, और दूसरा, चढ़ावा मामले में जांच आखिर किन बड़े खुलासों तक पहुंचती है। जब तक ट्रस्ट या संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं की जाती, तब तक यह मामला सवालों और अटकलों के घेरे में बना रहेगा।