रायपुर : भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक रंजना साहू ने कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और ‘कुर्सी की सिरफुटौव्वल’ पर तीखा कटाक्ष किया है। साहू ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के बीच चल रही बयानबाजी को बेहद हास्यास्पद बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस अब ‘हारी हुई तिकड़ी’ का ऐसा अखाड़ा बन चुकी है, जहां हर कोई अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए एक-दूसरे को धकेलने में लगा है।भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष साहू ने कहा कि बैज की सिंहदेव को दिल्ली जाने और युवाओं को मौका देने की नसीहत असल में युवाओं के प्रति प्रेम नहीं, बल्कि अपनी छिनती हुई कुर्सी को बचाने का डर और छटपटाहट है। बैज भली-भाँति जानते हैं कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो चुका है, इसलिए वे अब वरिष्ठ नेताओं को छत्तीसगढ़ से ‘तड़ीपार’ कर दिल्ली भेजने की राजनीति कर रहे हैं। श्रीमती साहू ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सिंहदेव के पलटवार पर तंज कसते हुए कहा कि सिंहदेव का यह कहना कि वे चुनाव हारे हैं और बैज भी चुनाव हारे हैं, कांग्रेस की कड़वी सच्चाई को उजागर करता है। जनता द्वारा पूरी तरह नकारे जा चुके ये नेता अब आपस में ही यह प्रतियोगिता कर रहे हैं कि कौन कितना बड़ा ‘फ्लॉप’ है? सिंहदेव जिस तरह कुर्सी के लिए दावेदारी ठोक रहे हैं, उससे साफ है कि कांग्रेस में सेवा की नहीं, सिर्फ मलाईदार पद हथियाने की होड़ मची है।भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने जिस कांग्रेस को सत्ता से उखाड़ फेंका, उसके नेता अपनी कमियों पर आत्ममंथन करने के बजाय एक-दूसरे की टांग खींचने में व्यस्त हैं। जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी, तब ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री के खेल ने प्रदेश को बर्बाद किया और आज जब ये विपक्ष में हैं, तब भी प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी के लिए नूराकुश्ती जारी है। साहू ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस की पहली और आखिरी जिम्मेदारी सिर्फ अपने परिवार और संगठन के चेहरों को चमकाना है, जनता की भलाई से इनका कभी कोई वास्ता नहीं रहा। छत्तीसगढ़ की जनता इस सर्कस को बड़े गौर से देख रही है और आने वाले समय में कांग्रेस के इस बचे-खुचे वजूद को भी समाप्त कर देगी।