दिल्ली : 75 दिन की जंग, वैश्विक तनाव और अब दिल्ली में बड़ी कूटनीतिक हलचल…अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi भारत पहुंच चुके हैं। करीब 75 दिनों से पश्चिम एशिया में जारी टकराव के बाद अराघची की यह यात्रा सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति के बदलते समीकरणों का बड़ा संकेत मानी जा रही है।दिल्ली में हो रही BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। ऐसे वक्त में ईरान की मौजूदगी इस बात का संकेत दे रही है कि तेहरान अब पश्चिमी दबाव के मुकाबले बहुध्रुवीय वैश्विक गठबंधन को मजबूत करने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। ईरान ने साफ संकेत दिए हैं कि वह BRICS मंच से अमेरिका के खिलाफ कूटनीतिक एकजुटता का संदेश देना चाहता है।,,,,,भारत के लिए भी यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। एक तरफ भारत की रणनीतिक साझेदारी अमेरिका से है, तो दूसरी ओर ईरान ऊर्जा, चाबहार पोर्ट और मध्य एशिया कनेक्टिविटी के लिहाज से भारत का महत्वपूर्ण सहयोगी रहा है। ऐसे में दिल्ली की कूटनीति अब “संतुलन की राजनीति” के कठिन दौर से गुजरती दिखाई दे रही है।सूत्रों के मुताबिक बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति, व्यापारिक गलियारों और पश्चिम एशिया संकट पर गहन चर्चा हो सकती है। माना जा रहा है कि ईरान BRICS देशों से खुला समर्थन नहीं, लेकिन राजनीतिक सहानुभूति और आर्थिक सहयोग की उम्मीद लेकर आया है।दिल्ली में अराघची की मौजूदगी ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या BRICS अब सिर्फ आर्थिक मंच नहीं, बल्कि पश्चिमी ताकतों के मुकाबले एक मजबूत राजनीतिक धुरी बनने की ओर बढ़ रहा है? आने वाले दिनों में इस बैठक से निकलने वाले संकेत वैश्विक राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।