रायपुर : 27 अप्रैल 2026,विशेष सत्र को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष जहां इसे राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बता रहा है, वहीं सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सोमवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 30 अप्रैल को बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि यह सत्र विपक्ष की निंदा के लिए बुलाया गया है, तो यह सीधे तौर पर जनता के धन की बर्बादी है।बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक मंच से दिए गए बयान और राजभवन द्वारा बताए गए कारणों में विरोधाभास है। उन्होंने तर्क दिया कि जिस विषय पर पहले ही लोकसभा में चर्चा हो चुकी है, उस पर विधानसभा में चर्चा करना संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है और यह संसद की अवमानना भी हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए निगमों और पालिकाओं तक में विशेष बैठकें बुला रही है, जो संस्थाओं के दुरुपयोग का उदाहरण है।उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि विशेष सत्र बुलाना ही है तो अपने ढाई साल के कार्यकाल का हिसाब दे। “मोदी की गारंटी” के तहत किए गए वादों, महतारी वंदन योजना, 500 रुपए सिलेंडर, स्व-सहायता समूहों को रोजगार, बढ़ती बेरोजगारी और अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। साथ ही विधानसभा में पारित आरक्षण संशोधन विधेयक के लागू न होने पर भी जवाब मांगा।चालानी कार्रवाई पर भी सवालप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने रायपुर में पुलिस की चालानी कार्रवाई को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि बिना स्पष्ट यातायात संकेतों के लोगों को जबरन चालान भेजे जा रहे हैं, जिससे आम जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि पुलिस को अपराध नियंत्रण पर ध्यान देना चाहिए, न कि केवल चालान काटने पर।बिजली कटौती से जनता परेशानबैज ने राज्य में अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में रोजाना आधे घंटे से लेकर 6 घंटे तक बिजली बंद की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सरप्लस बिजली वाले राज्य में अब कटौती आम हो गई है और सरकार बिजली के दाम भी कई बार बढ़ा चुकी है।कानून-व्यवस्था पर गंभीर आरोपउन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था को “बदतर” बताते हुए कहा कि हत्या, लूट, चाकूबाजी और दुष्कर्म की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम नागरिकों में भय का माहौल है। बैज ने कहा कि सरकार और गृह विभाग इन मामलों में गंभीर नहीं दिख रहे हैं।