भारत माला घोटाला: 500 करोड़ के मुआवजा खेल में ईडी का डबल एक्शन, कुरुद से अभनपुर तक छापेमारी से हड़कंप

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रायपुर/धमतरी, 27 अप्रैल 2026,भारत माला परियोजना में कथित घोटाले को लेकर ईडी की लगातार कार्रवाई ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। अब सबकी नजर जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और संभावित खुलासों पर टिकी है।

भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित जमीन मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए प्रदेश में हड़कंप मचा दिया। एक तरफ धमतरी जिले के कुरुद में भूपेंद्र चंद्राकर के ठिकाने पर दबिश दी गई, तो वहीं दूसरी ओर अभनपुर में जमीन कारोबारी गोपाल गांधी और उनसे जुड़े लोगों के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई।

कुरुद में की गई कार्रवाई में भूपेंद्र चंद्राकर—जो पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के करीबी रिश्तेदार बताए जाते हैं—के निवास पर सुबह से ही ईडी की टीम ने मोर्चा संभाल लिया। घर के बाहर कड़ी सुरक्षा तैनात कर दी गई और किसी को अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। टीम ने दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच शुरू की।इसी कड़ी में अभनपुर में ईडी की 13 सदस्यीय टीम ने जमीन कारोबारी गोपाल गांधी के निवास और दफ्तर पर छापा मारा। सुबह तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई में जमीन से जुड़े दस्तावेज, बैंकिंग लेन-देन और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। कार्रवाई देर शाम तक जारी रहने की संभावना है।

500 करोड़ से ज्यादा की गड़बड़ी का आरोप :-

जांच एजेंसियों के मुताबिक, रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान 500 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि कृषि भूमि को बैकडेट में गैर-कृषि घोषित कर उसका मुआवजा कई गुना बढ़ाया गया।

सूत्रों का कहना है कि इस पूरे खेल में राजस्व विभाग के कुछ अधिकारी—एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी—जमीन दलालों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी कर रहे थे। इतना ही नहीं, एक ही खसरे की जमीन को कागजों में छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर अलग-अलग नामों से मुआवजा लेने का मामला भी सामने आया है, जिससे शासन को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा।कई जिलों तक फैला नेटवर्कजांच में यह भी संकेत मिले हैं कि यह पूरा नेटवर्क सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं था।

अभनपुर के अलावा दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव और मगरलोड जैसे क्षेत्रों में भी कथित रूप से फर्जी मुआवजा वितरण का खेल चला।फिलहाल ईडी और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की टीम दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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