श्रीनगर में राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर में ‘गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स’ सत्र की अध्यक्षता, छत्तीसगढ़ मॉडल की सराहना

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रायपुर :27 अप्रैल 2026,केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा श्रीनगर में आयोजित राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने ‘गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स’ विषय पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं और भविष्य की रणनीतियों पर आधारित प्रेजेंटेशन प्रस्तुत करते हुए राज्य में लागू बेहतर प्रशासनिक व्यवस्थाओं और बेस्ट गवर्नेंस प्रैक्टिसेस को विस्तार से साझा किया।

देशभर से आए खेल मंत्रियों और अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ की योजनाओं को प्रभावी मॉडल बताते हुए सराहना की। दो दिवसीय शिविर के दौरान अरुण साव ने विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से संवाद कर खेल अवसंरचना, प्रतिभा संवर्धन और खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने जैसे मुद्दों पर चर्चा की।उन्होंने कहा कि प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर के समन्वय से ही भारत वैश्विक खेल शक्ति बन सकता है। मजबूत खेल व्यवस्था और निरंतर प्रोत्साहन से ही देश ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन कर सकेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह चिंतन शिविर देश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।शिविर के दूसरे दिन खेल प्रशासन, नीतिगत सुधार और युवा मामलों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। खेल उपकरणों के देश में ही निर्माण, सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और स्पोर्ट्स स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया, ताकि भारत खेल उद्योग में आत्मनिर्भर बन सके।एक अन्य महत्वपूर्ण सत्र में चयन प्रक्रिया और एज फ्रॉड पर चर्चा करते हुए खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता, निष्पक्षता और स्पष्ट मापदंड सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई। साथ ही उम्र में गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त सत्यापन प्रणाली और तकनीकी उपाय अपनाने पर बल दिया गया।अंतिम सत्र ‘माई भारत’ योजनाओं और उसकी कार्ययोजना पर केंद्रित रहा, जिसमें युवाओं तक योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया।समापन अवसर पर केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने घोषणा की कि जल्द ही युवा मामलों पर केंद्रित एक विशेष चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में ओलंपियन अभिनव बिंद्रा, पुलेला गोपीचंद और गगन नारंग सहित कई दिग्गज खिलाड़ी, खेल प्रशासक और नीति निर्माता शामिल हुए।

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