बसंतपुर (जिला राजनांदगांव), 10 मार्च 2026,अवैध रेत उत्खनन और ग्रामीणों पर फायरिंग के सनसनीखेज मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों ने अंततः न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस द्वारा स्थायी गिरफ्तारी वारंट और उद्घोषणा की कार्रवाई के बाद संपत्ति कुर्की की आशंका से दोनों आरोपी मंगलवार को न्यायालय में पेश हुए। बाद में न्यायालय से प्राप्त वारंट के आधार पर उन्हें जिला जेल राजनांदगांव भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, प्रार्थी द्वारा थाना बसंतपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि 11 जून 2025 की शाम लगभग 7 से 7:30 बजे के बीच ग्राम मोहड़ नदी में अवैध रूप से रेत निकालने के लिए रैम्प निर्माण हेतु एक जेसीबी मशीन पहुंची थी। इसकी जानकारी मिलने पर कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचे और विरोध किया। इसी दौरान एक कार में सवार 7-8 लोग वहां पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मारपीट करते हुए फायरिंग कर दी।
इस घटना के बाद थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 257/2025 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, आर्म्स एक्ट की धारा 25 व 27 तथा खनिज अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले में पहले ही पुलिस नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिन्हें न्यायिक रिमांड पर जिला जेल राजनांदगांव भेजा गया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस द्वारा आरोप पत्र भी न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है।
वहीं इस प्रकरण में दो अन्य आरोपी संजय सिंह (33 वर्ष) निवासी भिण्ड (म.प्र.) और अमन बैसन्दर (28 वर्ष) निवासी ग्वालियर (म.प्र.) फरार चल रहे थे। इनके खिलाफ न्यायालय से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था और लगातार उनकी तलाश की जा रही थी।
आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए न्यायालय से उद्घोषणा की कार्रवाई कराते हुए ग्वालियर और भिण्ड स्थित उनके निवास स्थानों पर उद्घोषणा चस्पा की गई। साथ ही भिण्ड, मुरैना और ग्वालियर के समाचार पत्रों में प्रकाशन कर आरोपियों को 16 मार्च 2026 तक न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था।
लगातार दबाव और संपत्ति कुर्की की आशंका के चलते दोनों फरार आरोपी 10 मार्च 2026 को स्वयं न्यायालय में उपस्थित हो गए। न्यायालय के निर्देश पर उन्हें थाना बसंतपुर को सुपुर्द किया गया, जहां आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद जेल वारंट प्राप्त कर दोनों को जिला जेल राजनांदगांव भेज दिया गया।