रेल मदद 139 का शानदार एक्शन: “ऑपरेशन अमानत” में 15 मिनट में मिला यात्री का खोया ट्रॉली बैग

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राजनांदगांव, 27 फरवरी 2026।
रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और भरोसे को एक बार फिर मजबूती मिली, जब रेल मदद 139 की त्वरित कार्रवाई से मात्र 15 मिनट के भीतर एक यात्री का छूटा हुआ ट्रॉली बैग सुरक्षित बरामद कर उसे आश्वस्त किया गया। यह सराहनीय कार्रवाई “ऑपरेशन अमानत” के तहत अंजाम दी गई।
प्रातः 07:00 बजे प्लेटफार्म नंबर 01 पर एक यात्री का काले रंग का सफारी ट्रॉली बैग छूट जाने की सूचना रेल मदद 139 के माध्यम से प्राप्त हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए मंडल सुरक्षा आयुक्त नागपुर दीप चंद्र आर्य के मार्गदर्शन एवं पोस्ट प्रभारी इंस्पेक्टर तरुणा साहू के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक एस.के. मिश्रा तुरंत मौके पर पहुंचे।
जांच के दौरान प्लेटफार्म पर एक लावारिस काला ट्रॉली बैग मिला। आसपास के यात्रियों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई दावेदार सामने नहीं आया। बैग को सुरक्षित रूप से रे.सु.ब. पोस्ट राजनांदगांव लाया गया और सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच शुरू की गई।
रेल मदद के जरिए मिली सूचना पर तेजी से कार्रवाई करते हुए मात्र 15 मिनट के भीतर अधिकारियों ने वीडियो कॉल के माध्यम से संबंधित यात्री को उसका बैग दिखाया। इससे यात्री को तत्काल भरोसा मिला कि उसका सामान पूरी तरह सुरक्षित है।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचान की प्रक्रिया जारी थी, तभी सुबह 09:00 बजे एक व्यक्ति पोस्ट पर पहुंचा। उसने अपना नाम अली हसन पिता मो. शहीद हसन बताया। उसने बताया कि वह राजनांदगांव से रायपुर जाने की जल्दबाजी में ट्रेन में चढ़ गया था और उसका बैग प्लेटफार्म नंबर 02 पर छूट गया।
आधार कार्ड, रेल मदद क्रमांक और सीसीटीवी फुटेज के सत्यापन के बाद पहचान की पुष्टि हुई। बैग की जांच में नए कपड़े एवं अन्य कीमती सामान सुरक्षित पाए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹10,000 आंकी गई। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बैग सही-सलामत यात्री को सुपुर्द कर दिया गया।
यात्री अली हसन ने इस त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई के लिए रे.सु.ब. पोस्ट राजनांदगांव और रेल मदद 139 प्रणाली का आभार जताया।

यह घटना साबित करती है कि रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता और रेल मदद 139 की प्रभावी प्रणाली यात्रियों के विश्वास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है। “ऑपरेशन अमानत” के तहत की गई यह कार्रवाई सुरक्षा, संवेदनशीलता और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बन गई है।

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