रायपुर, 26 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को उस वक्त माहौल गर्म हो गया, जब शराब दुकानों को हटाने की कथित घोषणा को लेकर सत्ता पक्ष के ही दो सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
मामला उस समय उठा जब धरसीवां से भाजपा विधायक अनुज शर्मा ने लाभांडी क्षेत्र में पास-पास संचालित दो शराब दुकानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उन्हें हटाने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इस पर आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सदन में ही सवाल दाग दिया—“मैंने कब ऐसी घोषणा की थी?” मंत्री के इस सीधे सवाल से सदन में हलचल मच गई।
स्थिति उस समय और असहज हो गई जब विधायक अनुज शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि शराब दुकान हटाने की घोषणा जायसवालजी ने की थी। इस पर मंत्री देवांगन ने इसे गलतबयानी बताते हुए पलटवार किया और पूछा—“श्याम बिहारी जायसवाल कब आबकारी मंत्री थे?”
मंत्री के इस जवाब के बाद सदन में कुछ देर के लिए तीखी बहस का माहौल बन गया। मामला बढ़ता देख पूर्व मंत्री राजेश मूणत और सभापति धर्मजीत सिंह ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
घटना ने न केवल सदन की कार्यवाही में हलचल पैदा की, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि शराब दुकानों के मुद्दे पर राजनीतिक संवेदनशीलता बरकरार है। लाभांडी की शराब दुकानों को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर क्या निर्णय होता है, इस पर नजरें टिकी रहेंगी।