रायपुर, 25 फरवरी 2026। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार व प्रभारी कुलसचिव शैलेंद्र पटेल ने कहा है कि वर्ष 2045 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने में राज्यों की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रत्येक राज्य अपने बजट में राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए ठोस और दूरदर्शी प्रावधान नहीं करेगा, तब तक विकसित भारत का सपना अधूरा रहेगा। छत्तीसगढ़ के वर्ष 2026-27 के बजट को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। पटेल के अनुसार, यह बजट संतुलित और समावेशी विकास की अवधारणा को आगे बढ़ाता है, जिसमें कृषि, उद्योग, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।

कृषि और वनांचल पर विशेष फोकसउन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर है, इसलिए कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करना राज्य की आर्थिक मजबूती के लिए अनिवार्य है। बजट में बस्तर और सरगुजा जैसे अंचलों में कृषि व सहायक उद्योगों के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान सराहनीय है। इससे क्षेत्रीय असंतुलन कम होगा और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।औद्योगिक विकास को नई गतिपटेल ने बताया कि नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना, औद्योगिक विकास योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिए बजट में किए गए प्रावधान प्रदेश को औद्योगिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम हैं। 23 नए औद्योगिक पार्कों का प्रस्ताव राज्य में निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा।
पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर का संवर्धन
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार शैलेंद्र पटेल उन्होंने कहा कि सिरपुर और मैनपाट जैसे ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास के लिए विशेष प्रावधान प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेंगे और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को गति देंगे।
उच्च शिक्षा को और प्राथमिकता की आवश्यकता
पटेल ने यह भी कहा कि उच्च शिक्षा, शोध और नवाचार को बजट में अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल पाई है। विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है, इसलिए भविष्य में उच्च शिक्षा के लिए और अधिक संसाधन सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
शैलेंद्र पटेल ने यह भी विश्वास व्यक्त किया है कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा और विकसित भारत के लक्ष्य में सार्थक योगदान देगा।