लखनऊ : KGMU में लव-जिहाद और बलात्कार के आरोपों को लेकर उबाल, वाइस चांसलर का पुतला फूंका, दी चेतवानी । लखनऊकिंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में कथित लव-जिहाद, बलात्कार और महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों को दबाने के आरोपों को लेकर मंगलवार को राजधानी में जबरदस्त विरोध देखने को मिला। आम नागरिकों और आम चिकित्सकों ने एकजुट होकर सुशांत गोल्फ सिटी चौराहा (लूलू मॉल के पास) पर प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर का पुतला दहन कर अपना आक्रोश जताया।सायंकाल 5:30 बजे शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि KGMU प्रशासन गंभीर आपराधिक मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय आरोपियों को संरक्षण दे रहा है, जिससे संस्थान की छवि को गहरा आघात पहुंचा है।*महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में ढिलाई का आरोप*प्रदर्शनकारियों ने कहा कि KGMU जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में महिला सुरक्षा, नैतिकता और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों को जानबूझकर दबाया जा रहा है। आरोप है कि जांच प्रक्रियाओं में लापरवाही बरती गई और कुछ मामलों में आरोपियों को सबूत मिटाने तक का मौका दिया गया, जिससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।*मांगें न मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज*प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन और शासन की होगी।*प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें*प्रदर्शन के दौरान निम्नलिखित मांगें प्रमुखता से उठाई गईं.*KGMU में चल रहे कथित धर्मांतरण रैकेट की एसटीएफ से निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा लीपापोती के उद्देश्य से गठित आंतरिक समिति को तत्काल भंग किया जाए।**बलात्कार के आरोपी रमीजुद्दीन की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।**विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में महिलाओं के साथ हुए मामलों की दबी फाइलें पुनः खोली जाएं और निष्पक्ष जांच हो।**जांच में लापरवाही बरतने और आरोपी शिक्षक को सबूत हटाने का अवसर देने के मामले में KGMU के वाइस चांसलर से इस्तीफा लिया जाए।**वाइस चांसलर कार्यालय में नियम विरुद्ध नियुक्त किए गए व्यक्ति की नियुक्ति रद्द की जाए तथा संविदा कर्मचारी को नियमों के खिलाफ दी गई परमानेंट पेंशन की अनियमितता पर संज्ञान लेकर राज्यपाल द्वारा वाइस चांसलर के खिलाफ कार्रवाई की जाए।*प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि जब तक दोषियों पर कड़ी और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा!!