आईआईटी भिलाई में एसईसीआर तकनीशियनों ने सीखी इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव रखरखाव की उन्नत तकनीकें

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29 September , raipur,भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) के संयुक्त तत्वावधान में “लोको शेड कर्मचारियों के ज्ञान संवर्धन” प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय चरण का सफल समापन किया गया। दस दिवसीय इस प्रशिक्षण का उद्देश्य इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के संचालन और रखरखाव में संलग्न एसईसीआर तकनीशियनों की तकनीकी दक्षता को और परिष्कृत करना था।समापन समारोह की अध्यक्षता आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रोफेसर राजीव प्रकाश ने मुख्य अतिथि के रूप में की। उनके साथ आईआईटी भिलाई के शोध एवं विकास के प्रभारी डीन डॉ. बालकृष्ण मेहता भी उपस्थित थे। कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संयोजक डॉ. शशांक कुर्म ने बताया कि इस प्रशिक्षण में सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अभ्यास का संतुलित समावेश किया गया, जिससे प्रतिभागियों को लोकोमोटिव प्रणालियों की समग्र समझ प्राप्त हुई।अपने संबोधन में प्रो. प्रकाश ने प्रतिभागियों से तकनीकी ज्ञान को गहराई से समझने पर बल देते हुए कहा कि व्यावहारिक अनुभव और सैद्धांतिक ज्ञान के बीच संतुलन स्थापित करना आवश्यक है। डॉ. मेहता ने एसईसीआर तकनीशियनों की सीखने की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच निरंतर सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि आईआईटी भिलाई के छात्र भी लोको शेड का भ्रमण कर वास्तविक परिस्थितियों को समझें और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में योगदान दें। साथ ही उन्होंने प्रतिभागियों से ईमानदार प्रतिक्रिया देने का आग्रह किया ताकि भविष्य के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और बेहतर बनाया जा सके।इस अवसर पर आईआईटी भिलाई के विद्युत अभियंत्रण विभागाध्यक्ष डॉ. अविषेक अधिकारी ने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण से अर्जित ज्ञान को अपने सहकर्मियों तक भी पहुंचाएं ताकि कार्यक्रम का व्यापक लाभ सुनिश्चित हो सके।कार्यक्रम का समापन डॉ. ललित कुमार साहू द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस पहल ने आईआईटी भिलाई और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की उस प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट किया, जिसके अंतर्गत तकनीकी दक्षता में वृद्धि, उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को प्रोत्साहन तथा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव संचालन की कार्यकुशलता और विश्वसनीयता को मजबूत किया जा रहा है।

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