डबल इंजन की सरकार में 3100 रू. में खरीदा गया धान 1400 रू. में बेचना पड़ेगा

Chhattisgarh

रायपुर : 19 अप्रैल 2025। भाजपा जब विपक्ष में थी तो डबल इंजन की सरकार के फायदे का बड़ा-बड़ा दावा करती थी। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अब डबल इंजन की सरकार की हकीकत सामने आ रही केंद्र सरकार राज्य का पूरा चावल नहीं खरीद रही है। राज्य सरकार को किसानों से खरीदे धान को खुले बाजार में बेचना पड़ रहा है। इस वर्ष राज्य सरकार ने 154 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर किया है। केंद्र की मोदी सरकार पूरे 154 लाख मीट्रिक टन से बनाये गये चावल को सेंट्रल पुल में नहीं खरीद रही है। अब राज्य सरकार 3100 रू. प्रतिक्विंटल में खरीदे गए धान को खुले बाजार में 1400 से 1500 रू. प्रतिक्विंटल में बेचेगी जिससे राज्य के खजाने का 6000 करोड़ रू. से अधिक का नुकसान होगा। यह है भाजपा के डबल इंजन की सरकार का नुकसान।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बेहद दुर्भाग्यजनक है कि केंद्र व राज्य में भाजपा की सरकार होने के बावजूद मुख्यमंत्री और राज्य के मंत्री गण, भाजपा के सांसद कोई भी छत्तीसगढ़ के चावल के कोटे को बढ़ाने का एक बार भी आग्रह मोदी सरकार से करने का साहस नहीं दिखाया। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय को राज्य का कोटा बढ़ाने का कोई औपचारिक आग्रह भी किया होगा, ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा। राज्य के खजाने का 6000 करोड़ बचाने का कोई प्रयास नहीं किया है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार ने धान खरीदी में घोटाला भी किया है, उत्पादन से अधिक धान की खरीदी साय सरकार ने किया है। भाजपा सरकार ने सदन में प्रदेश में 110 लाख मैट्रिक टन धान उत्पादित होने का आंकड़ा दिया है। सरकार ने इस वर्ष जो धान खरीदी किया है वह 154 लाख मैट्रिक टन से अधिक हैं। जब प्रदेश में इतना धान उत्पादित नहीं हुआ है, जितना खरीदी बताया जा रहा है तो सरकार को जवाब देना चाहिए की 110 लाख मीट्रिक टन से ऊपर की जो 44 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है वह धान कहां से आया है? पिछले वर्ष भी सरकार ने उत्पादन से लगभग 10 लाख मीट्रिक टन धान अधिक खरीदा था, विधानसभा में सरकार ने बताया था कि पिछले वर्ष धान का उत्पादन 100.3 लाख मीट्रिक टन हुआ था तथा सरकार ने 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का दावा किया था जब उत्पादन कम था तो खरीदी ज्यादा कैसे हो सकती है? राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद लगातार इस प्रकार का घोटाला हो रहा है। दूसरे राज्यों का धान समर्थन मूल्य पर राज्य में खरीदा गया तथा राज्य के खजाने में डाका डाला गया।

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