सुप्रीम कोर्ट ने कहा ब्यूरोक्रेट्स को लोकतंत्र कमज़ोर करने की इजाज़त नहीं 

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New Delhi : सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नौकरशाहों (ब्यूरोक्रेट्स) को जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को कमजोर करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है. अदालत ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए महाराष्ट्र की एक ग्राम पंचायत की महिला सरपंच को फिर से बहाल किया है. सरपंच के इस्तीफा वापस लेने के बावजूद कलेक्टर ने उनके इस्तीफे को मंजूर कर लिया था.

कोर्ट ने ब्यूरोक्रेट्स की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि नौकरशाहों (बाबुओं) को जमीनी स्तर के लोकतंत्र को कमजोर करने की अनुमति नहीं दी जा सकती. अदालत ने कहा कि हाल के मामलों में नौकरशाहों द्वारा चुने गए पंचायत प्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आई हैं.

कोर्ट के मुताबिक, पुराने मामलों को आधार बनाकर निर्वाचित प्रतिनिधियों को अयोग्य ठहराने की प्रवृत्ति बढ़ी है.

सुप्रीम कोर्ट ने कलावती राजेंद्र कोकाले को ग्राम पंचायत अईघर, तालुका रोहा, जिला रायगढ़ की सरपंच के रूप में फिर से बहाल किया. उन्होंने पहले इस्तीफा दिया था, लेकिन बाद में वापस ले लिया, जिसे प्रशासन ने स्वीकार नहीं किया.

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