सरकार-ट्रांसपोर्टर्स के बीच सुलह; ड्राइवर्स तुरंत काम पर लौटेंगे, आश्वासन के बाद हड़ताल खत्म

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रायपुर: दिल्ली सरकार-ट्रांसपोर्टर्स के बीच सुलह; ड्राइवर्स तुरंत काम पर लौटेंगे, आश्वासन के बाद हड़ताल खत्म।

हिट एंड रन से जुड़े कानून पर विवाद के बीच देशभर में ट्रांसपोर्टर्स और ड्राइवरों ने हड़ताल की। कानून के खिलाफ आक्रोश को देखते हुए गृह मंत्रालय ने तत्काल हस्तक्षेप किया। केंद्रीय गृह सचिव और ट्रांसपोर्टर्स के बीच बैठक के बाद सुलह हो गई। अब सभी ट्रांसपोर्टर विरोध छोड़कर तत्काल काम पर वापस लौटेंगे। हिट एंड रन को लेकर नए कानून के खिलाफ आक्रोश के बीच जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। ट्रांसपोर्टर्स ने देशव्यापी हड़ताल की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय गृह सचिव ने उनके साथ बैठक की। बैठक और वार्ता का नतीजा भी तत्काल देखने को मिला। अब ट्रांसपोर्टर तत्काल ड्यूटी पर लौटेंगे। इससे पहले अखिल भारतीय परिवहन कांग्रेस की बैठक पर केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा, “हमने आज अखिल भारतीय परिवहन कांग्रेस के प्रतिनिधियों से चर्चा की।

*नए कानून की धारा के तहत अभी कार्रवाई नहीं होगी*

अजय भल्ला ने कहा, सरकार ये बताना चाहती है कि नए कानून और जुर्माने के प्रावधान अभी लागू नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा, भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(2) लागू करने से पहले अखिल भारतीय परिवहन कांग्रेस से विचार विमर्श किया जाएगा। ड्राइवरों और ट्रांसपोर्टर की चिंंताओं को सुनने के बाद ही अंति निर्णय लिया जाएगा।

*बैठक के बाद ट्रांसपोर्टर क्या बोले?*

अखिल भारतीय मोटर परिवहन कांग्रेस (AIMTC) के अध्यक्ष अमृत लाल मदन ने गृह सचिव के साथ बैठक के बाद गतिरोध खत्म करने की अपील की। उन्होंने ड्राइवरों से कहा, आप सिर्फ हमारे ड्राइवर नहीं, सैनिक हैं। हम नहीं चाहते कि आप किसी भी असुविधा का सामना करें।

*खुद गृह मंत्री शाह से मिला आश्वासन*

उन्होंने कहा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आश्वस्त किया है कि सरकार, कानून के तहत 10 साल की सजा और जुर्माने के प्रावधान पर रोक लगाएगी। अमृत लाल मदन के मुताबिक अखिल भारतीय मोटर परिवहन कांग्रेस की अगली बैठक तक कोई कानून लागू नहीं किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, ऑल इंडिया ट्रक और बस ड्राइवर संगठन समेत अलग-अलग ड्राइवर संगठन के लोगों ने 1 जनवरी से 3 जनवरी तक का ‘स्टीयरिंग छोड़ो’ के नाम से चक्का जाम शुरू कर दिया था। वजह थी आपराधिक कानूनों में किए गए बदलाव के कारण हिट एंड रन केस में भी सजा बढ़ाना, जिसके चलते देशभर में ट्रक और बस चालकों ने विरोध-प्रदर्शन किया। सजा की अवधि बढ़ाए जाने के खिलाफ बस और ट्रक ड्राइवरों के साथ-साथ ऑटो चालकों ने भी मोर्चा खोल दिया। बताया गया कि हिट एंड रन केस में नए कानून के तहत फरार और घातक दुर्घटना की सूचना नहीं देने पर ड्राइवरों को अब दो साल की नहीं, बल्कि 10 साल तक की जेल हो सकती है।

केंद्र सरकार ने ड्राइवरों से की काम पर लौटने की अपील, कहा- कानून लागू करने से पहले करेंगे चर्चा

नए हिट एंड रन कानून को लेकर देशभर में हो रहे प्रदर्शन के बीच केंद्रीय गृह सचिव और ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रतिनिधियों के बीच हुई चर्चा के बाद अब बस और ट्रक चालकों की हड़ताल खत्म हो सकती है. गृह सचिव ने ड्राइवर्स से हड़ताल वापस लेने की अपील की. साथ ही कहा कि अभी ये कानून लागू नहीं होगा. कानून लागू करने से पहले ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के साथ बैठक की जाएगी.

  • हिट एंड रन कानून: सरकार और ट्रांसपोर्टरों के बीच सुलह! ट्रक ड्राइवरों से हड़ताल वापस लेने की अपील
  • हिट एंड रन केस के लिए नए कानून को लेकर सरकार और ट्रांसपोर्टरों में सुलह हो गई है.
  • ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच हुई बातचीत सफल हुई है.
  • ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने कहा है कि ट्रक ड्राइवर अपनी हड़ताल वापस लें और काम पर लौट आएं. ट्रांसपोर्ट संगठन ने देशभर के ड्राइवरों से हड़ताल वापस लेने को कहा है.
  • सरकार की तरफ से संगठन को आश्वसान दिया गया है कि फिलहाल कानून को लागू नहीं किया जाएगा और जब भी इसे लागू किया जाएगा तो संगठन से चर्चा की जाएगी.
  • इसके बाद ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने ड्राइवरों से हड़ताल खत्म करने की अपील की है.

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