आरंग/14जनवरी 2022/ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 35किमी की दूरी पर पूर्व दिशा में स्थित आरंग नगर को इतिहास में मंदिरों एवं तालाबों की नगरी के नाम से जाना जाता है। जिसे राजा मोरध्वज की नगरी के नाम से भी जाना जाता है।यहां बाबा बागेश्वरनाथ मंदिर में पौराणिक शिवलिंग एवं माता पार्वती की मूर्ति है एवं जैन धर्म से संबंधित मांडदेवल मंदिर है, मंचमुखी महादेव, कुमारेश्वर महादेव, जोबेश्वर महादेव, महामाया मंदिर, झनझना मंदिर आदि हैं । कई लोग इस नगर को काशी विश्वनाथ धाम के समक्ष मानते हैं । किंतु उपेक्षताओ के इस नगर को पहचान नही मिल पाई थी। वर्ष 2018में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने एवं क्षेत्रीय विधायक डॉ.शिवकुमार डहरिया को केबिनेट मंत्री बनाए जाने के बाद नगरवासियों में आरंग की महत्ता एवं पहचान को विश्व मानचित्र में स्थापित करने की उम्मीद जाग उठी तथा नगरवासियों एवं सामाजिक संस्थान पिपला ग्रुप के माध्यम से आरंग नगर को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने व राजा मोरध्वज महोत्सव मनाए जाने की मांग की जाने लगी।
जिस पर मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया ने नगरवासियों की मांग पर सभा को संबोधित करते हुवे राजा मोरध्वज महोत्सव मानने की घोषणा की तथा शासन की ओर से महोत्सव के लिए प्रति वर्ष 10लाख रूपये दिए जाने की घोषणा भी किए एवं इस वर्ष के महोत्सव के लिए 05लाख रूपये अलग से दिए जाने की भी घोषणा की गई। राजा मोरध्वज महोत्सव मनाए जाने की घोषणा को सुनकर नगरवासियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया का जोरदार स्वागत किया। मंत्री डॉ.डहरिया ने आरंग नगर की पौराणिक एवं ऐतिहासिक वैभव को पुनः प्राप्त करने के लिए नगर की भिन्न धार्मिक स्थलों में स्थापित मंदिरों, तालाबों, ऐतिहासिक स्थलों की अध्ययन एवं शोध किए जाने हेतु आश्वासन भी दिया। नगर में प्रथम बार आयोजित आरंग महोत्सव से धर्म प्रेमी, नगरवासी एवं युवावर्ग काफी उत्साहित नजर आए तथा आने वाले साल में और ही भव्यता के साथ इस महोत्सव को और भी भव्यता के साथ मानने पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से चंद्रशेखर चंद्राकार अध्यक्ष नगर पालिका आरंग, खिलेश्वर देवांगन अध्यक्ष जनपद पंचायत आरंग, कोमल सिंह साहू अध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस कमेटी आरंग, थानसिंग साहू, भारती देवांगन अध्यक्ष शहर कांग्रेस, मोहन साहू उपाध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस आरंग, नरसिंग साहू उपाध्यक्ष नपा आरंग, शरद गुप्ता, दीपक चंद्राकार, समीर गोरी, गौरी बाई देवांगन, राममोहन लोधी, सूरज सोनकर, धनेश्वरी खिलावन निषाद, ममता जितेंद्र शर्मा, गणेश बांधे, मंगलमूर्ति अग्रवाल, भरत लोधी, राजेश्वरी साहू, अब्दुल कादिर गोरी, दुजेराम धीवर, महेंद्र पटेल, आजू राम वंशे, मनीष चंद्रकार, नारायण कुर्रे, नंदू साहू, पूनमचंद साहू, प्रतीक टोडर, सजल चंद्राकार, छुल्लू गुप्ता, हरीश दीवान, तुलाराम साहू, भागवत जलक्षत्री, संतोष साहू, विनोद साहू, अमित जलक्षत्री, मोहन सोनकर, छ्त्रधारी सोनकर एवं नगर के गणमान्य नगरीकगण उपस्थित थे।