मुख्यमंत्री से मिलने के बाद कर्मचारी नेता लेंगे हड़ताल पर निर्णय

Uncategorized

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले 11 दिनों से चल रही कर्मचारी संगठनों की हड़ताल पर फैसले के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के घटक संगठनों की गुरुवार आज   बड़ी बैठक हुई। इसमें हड़ताल जारी रखने या स्थगित करने का फैसला नहीं लिया जा सका। कहा गया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात के बाद इस पर निर्णय लेंगे। गुरुवार देर शाम तक इन पंक्तियों के लिखे जाने तक सीएम से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी थी,लिहाजा फैसले पर सस्पेंस बना हुआ है। यहां यह बताना लाजिमी है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि 2 सितंबर तक काम पर लौटने वालों को पूरी तनख्वाह मिलेगी। उन पर किसी तरह की कार्यवाही नहीं की जाएगी। उन्होंने जनता की परेशानी का जिक्र करते हुए कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील भी की है।

सीएम की अपील और चेतावनी के बाद कर्मचारी संगठनों की बेचैनी बढ़ गई। पूरे दिन मंथन के बाद शंकरनगर स्थित राजपत्रित अधिकारी संघ के कार्यालय में फेडरेशन के नेताओं की बैठक हुई है। इसमें फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा सहित सभी संगठनों के नेता मौजूद थे। इस दौरान जिला संयोजकों से रिपोर्ट ली गई। बताया जा रहा है, जिला संयोजकों का कहना था कि मुख्यमंत्री की अपील के बाद सरकार को एक मौका देना चाहिए। हड़ताल खत्म कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलकर बात किया जाए। सरकार नहीं मानी तो हड़ताल का विकल्प मौजूद रहेगा। हड़ताल के भविष्य पर फैसला करने के लिए सभी नेताओं की बैठक के बीच यह जानकारी आई कि मंत्री रविंद्र चौबे इस पर मध्यस्थता करते हुए मुख्यमंत्री के रायगढ़ से लौटने के बाद कर्मचारी नेताओं के साथ मिलने जाएंगे। चर्चा के बाद हड़ताल के भविष्य पर निर्णय होगा।
एरियर्स को लेकर कर्मचारी संगठन
कर्मचारी संगठन के नेताओं का कहना है कि वर्ष 2019 से महंगाई भत्ते के जारी आदेशों को देय दिनांक से लागू करें। कर्मचारियों का करोड़ों का एरियर्स सरकार पर बकाया है उसे दिया जाए। उन्होंने कहा कि जीपीएफ में इसे जमा कराया जाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *