रायपुर। कांग्रेस संगठन चुनाव को लेकर प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए गए। पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने इस दौरान पदाधिकारियों के सवाल का जवाब न देकर यह कहा कि पहले संगठन में क्या होता था, इसके बारे कहुंगा तो दूर तक बात जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मरकाम के तेवर को लेकर कहा कि कार्यकर्ता सवाल उठा रहे हैं तो उन्हें जवाब देना चाहिए। पार्टी एक परिवार की तरह है। सवाल उठे हैं तो उसका जवाब भी दें। बीआरओ, डीआरओ से कोरे कागज पर हस्ताक्षर क्यों करवाया गया उसका जबाब नहीं दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भरोसे चलती है, यह कोई यह मत सोचे कि मेरे बदौलत कांग्रेस चल रही। इधर, बैठक के कुछ ही घंटों के भीतर पीसीसी चीफ मोहन मरकाम कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल का फोन आने पर अचानक दिल्ली रवाना हो गए।
प्रदेश कांग्रेस संगठन चुनाव को लेकर राजीव भवन में मंगलवार को हुई बैठक में पदाधिकारियों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। यह सवाल संगठन में चल रही अव्यवस्थाओं को लेकर उठाए गए। पदाधिकारियों ने कहा, जब 16 जून और 7 जुलाई को बीआरओ की सूची जारी हो चुकी थी, तब इसमें संशोधन की बात कहां से आ गई? सवाल यह भी उठा कि डीआरओ और बीआरओ से खाली पेपर में हस्ताक्षर क्यों कराया गया? कई जिला अध्यक्षों ने कहा कि बीआरओ की नियुक्ति के बाद पीसीसी से फोन आ रहा है कि बीआरओ बदलना है क्या? ऐसे में पारदर्शिता कैसे होगी? प्रदेश निर्वाचन अधिकारी हुसैन दलवाई को इस पर ध्यान देने कहा। पदाधिकारियों ने सवाल उठाया कि प्रदेश अध्यक्ष यह व्यवस्था दें कि ऐसे में निष्पक्ष चुनाव कैसे होगा।
सवाल उठता है, तो उसका समाधान भी हो
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, अगर कार्यकर्ता काम नहीं कर रहा है, तो उससे बात की जा सकती है। नाराजगी दिखाने से काम नहीं चलेगा। कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी करने से पहले उनसे बात होनी चाहिए। सिर्फ मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष को ही बोलने या सवाल उठाने का हक नहीं है। कांग्रेस पार्टी से जुड़े हर कार्यकर्ता को बोलने का अधिकार है। उन्होंने कहा, सवाल उठता है तो उसका समाधान होना चाहिए। हम सब एक परिवार हैं। कई लोग पार्टी छोड़कर गए, लेकिन पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा, मतदाता सूची का प्रकाशन हो। जिलों में बैठकें हो। डीआरओ, बीआरओ, जिला अध्यक्ष और विधायक सभी मिल कर चुनाव की तिथि तय करें। सभी जगह आम सहमति बनाने का प्रयास हो, जहां सहमति न हो वहां चुनाव हो।
मरकाम गए दिल्ली
कांग्रेस की बैठक के बाद एआईसीसी महासचिव वेणुगोपाल का फोन आया और उन्हें तत्काल दिल्ली आने कहा। मोहन मरकाम एआईसीसी का संदेश आने के बाद पौने पांच बजे की फ्लाईट से दिल्ली रवाना हो गए। माना जा रहा है कि दिल्ली में उनकी संगठन चुनाव की प्रक्रिया समेत कई विषयों पर पार्टी नेताओं से चर्चा होगी।