रायपुर : पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार के फैसले से बाद अब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्होंने केंद्र सरकार से पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले 4 फीसदी सेस को समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा, गाड़ियों के ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाने से राज्य सरकार को 570 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।
बालोद दौरे के लिए रवाना होने से पहले संवाददाताओं से चर्चा में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने राज्य सरकार पर वैट टैक्स कम करने के दबाव पर कहा, हम जनता के हित में केंद्र सरकार के लिए गए फैसले का स्वागत करते हैं। वैट कम किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, प्रदेश को भारत सरकार से तेल पर सिर्फ 42 फीसदी आय मिलती है। पहले से ही हमने वैट कम कर रखा है। हम पड़ोसी राज्यों में वैट की स्थिति की समीक्षा के आधार पर तेल की कीमतों को कम करने का फैसला लेंगे। छत्तीसगढ़ की सरकार अभी यह समीक्षा करेगी कि पड़ोसी राज्यों में कितना फीसदी वैट पेट्रोल-डीजल पर कम किया जा रहा है।
यूपीए के समय की सेंट्रल एक्साइज दर लागू करें
मुख्यमंत्री ने यह मांग की है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस पर जो सेंट्रल एक्साइज की दर यूपीए सरकार के समय थी, उसे ही लागू किया जाए। एलपीजी की कीमत जितनी यूपीए सरकार के समय थी, उसे उसी दर पर किया जाए। ताकि उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिल सके।