रायपुर। राज्य शासन ने दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत अमलेश्वर को नगर पंचायत बनाने की अधिसूचना जारी कर दी है। दुर्ग जिले के पाटन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजधानी रायपुर से लगे इस क्षेत्र को छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 5 में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए नगर पंचायत गठित किया गया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विधानसभा क्षेत्र पाटन के ग्राम पंचायत अमलेश्वर की जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 13166 बताई गई है। नगर पंचायत क्षेत्र में ग्राम के सीमाओं को शामिल करते हुए गठन करने के संबंध में नगरीय निकाय एवं विकास विभाग ने राजपत्र में इसका प्रकाशन कर दिया है। राजधानी रायपुर की सीमा से लगे खारून नदी से लगे इस ग्राम में कई विकास कार्य के अलावा कई आवासीय प्रोजेक्ट चल रहे हैं। आने वाले समय में इस क्षेत्र की बसाहट बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नगर पंचायत बनने के बाद इस क्षेत्र के विकास को और गति मिलने की संभवना है।
————-
भूपेश बोले- केंद्रीय मंत्रियों को प्रचार करने बुलाना मतलब भाजपा चुनाव हार चुकी
0 भाजपा के आरोप पत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने खड़े किए सवाल
रायपुर। खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। खैरागढ़ में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल 6 और 7 अप्रैल को चुनावी सभा काे संबोधित करेंगे। उनके आगमन को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, उन्हें आना चाहिए और जमकर प्रचार करना चाहिए। छत्तीसगढ़ भाजपा दूसरे राज्यों के नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों को खैरागढ़ में आमंत्रित कर रही है। इसका मतलब यह है कि वे चुनाव हार चुके हैं।
रायपुर से डोंगरगढ़ रवाना होने से पूर्व पत्रकारों से चर्चा में भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार की उपलब्धियों और राज्य सरकार के खिलाफ आरोप पत्र को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने निशाना साधा। उन्होंने कहा, 2018 के विधानसभा चुनाव में जनता ने डॉ. रमन सिंह और भारतीय जनता पार्टी को नकार दिया था। उसके बाद जितने भी उपचुनाव हुए हैं उसमें भी बुरी तरह से पराजित हुए हैं। डॉ. रमन सिंह को यह बताना चाहिए कि उन्होंने किसानों और गरीबों के साथ धोखा क्यों किया। गांव में टावर नहीं है, लेकिन मोबाइल कैसे बांट दिए? उन्हें ये भी बताना चाहिए कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के भाव क्यों बढ़ रहे हैं? रसोई गैस के दाम बढ़े हैं, तो उनकी सब्सिडी क्यों नहीं आ रही है।
केरोसिन का कोटा भी काट दिया
पहले कई परिवार मिट्टी तेल का उपयोग करते थे। केंद्र सरकार ने उसका कोटा भी काट दिया है। रेट भी 75 रुपए लीटर कर दिया गया है। डीजल के दाम 100 के पार हो गए हैं। पेट्रोल के दाम कब से 100 रुपए के पार हो गए हैं। केरोसिन भी 75 रुपए लीटर हो गया है। आम नागरिक भी खरीदने जाए तो उसे और महंगा पड़ेगा। एक तरफ केरोसिन नहीं मिल रहा है। दूसरी तरफ रसोई गैस के दाम पहुंच से बाहर हो गए हैं। गरीब जनता महंगाई की मार से परेशान है। उसे लेकर भारतीय जनता पार्टी को बताना चाहिए कि क्यों यह सारे दाम बढ़ा रहे हैं। गरीबों के पास केरोसिन क्यों नहीं पहुंच रहा है।