रायपुर : सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में कोरोनाकाल के दौरान कोविड सेंटर बनाया गया था। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल काैशिक ने कहा कि यहां पर आपदा में अवसर ढूंढने का काम स्मार्ट सिटी और नगर निगम के अफसरों ने किया है। 20 लाख रुपए का इंटरकाॅम, 17 लाख का सीसीटीवी कैमरा और 144 दिन के लिए एसी का किराया 2 लाख 14 हजार का भुगतान किया गया है। उन्होंने इसमें किए गए भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग सदन में की। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया ने कहा कि कोरोनाकाल में लॉकडाउन के दौरान पीडब्ल्यूडी और आयुष ने जो रेट तय किए थे, उसी पर किराए में लिया गया था। उन्होंने कहा कि मामले को दिखवा लेंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मंत्री के दिखवाने का मतलब है, जांच करा लेंगे।
प्रश्नकाल में यह मामला उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कोविड सेंटर में सीसीटीवी, साउंड सिस्टम, बिजली के बड़े बल्ब और वायर, सीएफएल बल्ब, एसी व कूलर किराए पर लिए गए थे। इसमें कितनी राशि भुगतान की गई। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. डहरिया ने जवाब दिया कि यहां पर नगर निगम ने नहीं, स्मार्ट सिटी ने 25 जुलाई 2020 से 29 अक्टूबर 2020 एवं 12 अप्रैल से 31 मई 2021 तक कोविड सेंटर बनाया था। स्मार्ट सिटी द्वारा 2 करोड़ 36 लाख 64 हजार एवं नगर निगम द्वारा 18 लाख 81 हजार रुपए व्यय किया गया। इस दौरान कोविड महामारी की आपातकालीन स्थिति एवं लाॅकडाउन अवधि में सीसीटीवी कैमरे, साउंड सिस्टम, इंटरकाॅम, विद्युत व्यवस्था के लिए केबल, आंतरिक एवं बाह्य प्रकाश व्यवस्था के लिए हेडलाइट, बल्ब एवं एसी कूलर स्मार्ट सिटी के वार्षिक दर अनुबंध निविदा में स्वीकृत दर के अनुसार लिया गया था। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनता का पैसा है। इसे भ्रष्टाचार में लुटाने का प्रयास किया गया है। मंत्री इस मामले की जांच कराएं। मंत्री ने कहा कि मामले काे दिखवा लेंगे।