कांग्रेस का सवाल- भाजपा छत्तीसगढ़िया कुलपति की मांग से सहमत है या असहमत : सुशील

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रायपुर। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों और कर्मचारियों द्वारा स्थानीय कुलपति के नियुक्ति की मांग पर भाजपा अपना मत स्पष्ट करे। वह छत्तीसगढ़िया कुलपति की मांग से सहमत है अथवा नहीं? छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों में छत्तीसगढ़िया कुलपति के मामले में भाजपा का मौन स्पष्ट कर रहा है कि वह राज्य में छत्तीसगढ़ के प्रतिभाओं के साथ हो रहे अन्याय की समर्थक है तथा अपनी विचारधारा के लोगों की नियुक्ति के लिये छत्तीसगढ़ के लोगों की अनदेखी कर रही है।

उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। हमारे प्रोफेसर, रिचर्स स्कालर, वैज्ञानिक, विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में देश-विदेश में अपनी प्रतिभाओं का लोहा मनवा चुके है। ऐसे में अपने ही राज्य में कुलपति जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपने राज्य की प्रतिभाओं की अनदेखी किया जाना अनुचित और अस्वीकार्य है। कुलपतियों की पिछली कुछ नियुक्तियों में जो प्रक्रिया अपनाई गई जिन लोगों की नियुक्तियाें में विचारधारा विशेष से प्रभावित व्यक्तियों को ही नियुक्त किया गया। इनसे छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं की उपेक्षा के साथ राजभवन की मर्यादा भी आहत हुई है। राजभवन दल विशेष के एजेंडे का पैरोकार है, ऐसा संदेश जनता में नहीं जाना चाहिये। संवैधानिक पद की मर्यादायें इससे आहत होती है।
लोकतंत्र में जनादेश सर्वाेपरि
उन्हाेंने कहा, कुलपति की नियुक्ति का विशेषाधिकार राजभवन के पास है, लेकिन यह भी मान्य परंपरा है कि राजभवन राज्य सरकार की अनुशंसा पर निर्णय लेता है। लोकतंत्र में जनादेश सर्वोपरि है। संवैधानिक पद पर मनोनीत व्यक्ति उनको जनादेश का सम्मान करना चाहिए। अधिकारों का उपयोग संविधान की निहित मंशा के अनुरूप करना चाहिए ताकि जनादेश का अपमान न हो।

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