राहुल गांधी का वीडियो जारी कर भाजपा ने कहा  वादा अनुसार धान पर पंद्रह क्विंटल प्रति एकड़ की लिमिट ख़त्म करे कांग्रेस सरकार

Chhattisgarh

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष मरकाम पहले अपनी पार्टी और सरकार के चुनावी वादों को याद करें, जो उसने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को प्रदेश में घुमा-घुमाकर प्रदेश से किया था। साय ने विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी के भाषण का वीडियो जारी करके कहा कि लबरा पार्टी कांग्रेस के लबरा अध्यक्ष मरकाम चुनौती देने का जुबानी जमाख़र्च करने के बजाय अपनी प्रदेश सरकार के अब तक के शासनकाल की कोई एक उपलब्धि तो बता दें।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने कहा कि कांग्रेस को ‘पदयात्रा’ की नहीं ‘प्रायश्चित यात्रा’ करने और पूरे प्रदेश में घूम-घूमकर जनता से माफी मांगने की ज़्यादा ज़रूरत है। साय ने कहा कि वादाखिलाफ़ी, धोखाधड़ी, छल-कपट, राजनीतिक प्रतिशोध और तुष्टिकरण ने जिस कांग्रेस की प्रदेश सरकार के समूचे राजनीतिक चरित्र को बेनकाब कर दिया है, उस कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ गाल बजाना क़तई शोभा नहीं देता।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने कहा कि प्रदेश जानना चाहता है कि किसानों का दाना-दाना धान खरीदने की डींगें हाँककर कांग्रेस की प्रदेश सरकार ने अब तक प्रति एकड़ की लिमिट क्यों नहीं हटाई? राहुल गांधी ने 15 क्विंटल प्रति एकड़ धान ख़रीदी की लिमिट ख़त्म करने का वादा किया था। अपने चुनावी भाषण में किसानों को धान का बकाया बोनस देने और हर साल बोनस को जारी रखने का वादा किया था, मरकाम बताएँ कि प्रदेश सरकार अब अपने इस वादे पर ख़ामोश क्यों है?

साय ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मरकाम को यह भी याद दिलाया कि राहुल गांधी ने हर किसान के खेत के पास फूड प्रोसेसिंग कारखाना लगाने का वादा किया था, अब वे बताएँ कि प्रदेश में कितने किसानों के खेतों के पास फूड प्रोसेसिंग कारखाना लगाया गया? उन कारखानों में किसानों व उनके बच्चों को रोजगार देने के जुमलों का क्या हुआ?  साय ने कहा कि ख़ुद जुमलेबाजी करके कांग्रेस नेता किस मुंह से भाजपा सरकार पर जुमलों का ताना मार रहे हैं?  साय ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मरकाम चुनौतियाँ देने के बजाय कांग्रेस और उसकी प्रदेश सरकार के राजनीतिक चरित्र पर फोकस करें। चुनौती देने की स्थिति में अब प्रदेश कांग्रेस और उसकी सरकार है ही नहीं।

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