रायपुर 01 अक्टूबर 2021/ महात्मा गांधी के विचारों के अनुरूप ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में छत्तीसगढ़ राज्य का नरवा,गरवा, घुरवा, बारी कार्यक्रम तथा गौठान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहें है। इसी कड़ी में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर को रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड के ग्राम बनचरौदा के गौठान में गोबर गैस से बिजली उत्पादन संयंत्र का वर्चुअल रूप से उद्घाटन करेंगे।
उल्लेखनीय हैं कि ग्राम बनचरौदा में 5 किलो वॉट के पावर जनरेटर के माध्यम से बिजली का उत्पादन किया जाएगा। यहां स्थापित बॉयोगैस संयंत्र में प्रतिदिन लगभग 250 किलो गोबर की आवश्यकता होती है। पावर जनरेटर एक घण्टे में 4 क्यूबिक मीटर बॉयोगैस उपयोग कर बिजली में कनवर्ट करता है। राज्य शासन द्वारा कोरोना-संकट के दौरान गत 20 जुलाई को महत्वपूर्ण योजना गोधन न्याय योजना की शुरुआत की गई। योजना के तहत गौठानों में किसानों और पशुपालकों से 2 रुपए प्रति किलो में गोबर खरीदकर उससे वर्मी कंपोस्ट और सुपर कंपोस्ट बनाई जा रही है। इन गोठानों को रूरल इडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित करके ग्रामीणों को उत्पादन और उद्यमिता के नये क्षेत्रों से जोड़ा जा रहा है। इसी तारतम्य में आज सुराजी गांव योजना के माध्यम से गांवों के अर्थतंत्र को मजबूती देते हुए ग्राम बनचरौदा के गौठान में बायोगैस से विद्युत का उत्पादन किया जाएगा।