28 सितंबर राजिम में किसान महापंचायत को सफल बनाने गांव-गांव में बैठकों का दौर

Chhattisgarh

आरंग : किसानों के नाम पर लाए तीन कृषि कानून से होने वाले नुकसान को छत्तीसगढ़ के किसान भी समझने लगे हैं पूरे भारत सहित यहां के किसान भी राजनीतिक भेदभाव से हटकर चाहते हैं कि उसका अनाज पूरा पूरा समर्थन मूल्य में खरीदी हो इसलिए समर्थन मूल्य को कानूनी जामा पहनाने की मांग पर बल दे रहे हैं इसी संदर्भ में राजधानी के निकट तीर्थ स्थल राजिम में28सितम्बर को किसान महापंचायत का विशाल आयोजन किया गया है जिसमें आस पास के सभी जिले की किसान सम्मिलित होंगे किसान महापंचायत को सफल बनाने गांव गांव में बैठकों का दौर चल रहा है इसी कड़ी में आरंग तहसील के ग्राम निसदा में बड़ी संख्या में किसान एकत्रित होकर स्व स्फूर्त वाहन व्यवस्था कर बड़ी संख्या में भाग लेने का निर्णय लिया है किसान बैठक को संबोधित करते हुए किसान नेता पारसनाथ साहू एवं गजेंद्र कोसले ने हम किसान संगठित नहीं है इसीलिए सरकारें हमारा शोषण करती है अब छत्तीसगढ़ का किसान जाग चुका है अपने हक के लिए लड़ना शुरू कर दिया है सामूहिक एकजुटता से अब हर समस्या का समाधान संभव है किसानों के द्वारा बनाई सरकार को किसान का निर्णय मानना ही पड़ेगा
किसान नेता पारसनाथ साहू ने सभी ग्राम कि किसानों से अपील किया है किसान महापंचायत में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनावे

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