छत्तीसगढ़ : रायपुर, 22 फरवरी 2019समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंड़िया ने आज रायपुर के रेलवे स्टेशन से ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर एक हजार वरिष्ठ नागरिकों के जत्थे को ‘तिरूपति-मदुरई-रामेश्वरम‘ की तीर्थयात्रा के लिए रवाना किया। इसके पूर्व उन्होंने बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को श्रीफल देकर सम्मानित किया और उनकी सुखद यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी। उल्लेखनीय है कि ‘छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना‘ का नाम बदलकर ‘तीरथ बरत योजना‘ किया गया है। इस तीर्थयात्रा में धमतरी और बालोद जिले के लगभग पांच-पांच सौ बुजुर्ग शामिल हुए हैं। भेंड़िया ने बड़े बुजुर्गों और सियानों को संबोधित करते हुए कहा कि तीरथ हमारी छत्तीसगढ़ी संस्कृति का हिस्सा है। राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मानपूर्वक सुखद जीवन के लिए यथासंभव मदद करेगी। इस यात्रा के बाद अन्य जिलों के बुजुर्गों को भी निःशुल्क तीर्थयात्रा पर भेजा जाएगा। उन्होंने बुजुर्गों को तीर्थयात्रा में जाने से पहले रोजमर्रा के दैनिक जीवन के उपयोग से संबंधित सामग्री भी प्रदान की।
विभाग के सचिव इमिल लकड़ा ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य की परम्परा, सभ्यता और संस्कृति के अनुसार ‘छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना‘ के बदलकर ‘तीरथ बरत योजना‘ किया गया है। इस योजना के तहत 60 वर्ष या इससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और 18 वर्ष से अधिक आयु के निःशक्तजनों को राज्य के बाहर विभिन्न तीर्थस्थलों की जीवन में एक बार निःशुल्क यात्रा कराई जाती है। इसमें 75 प्रतिशत ग्रामीण तथा 25 प्रतिशत शहरी क्षेत्र के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाता है।
तीर्थयात्रा पर जा रहे धमतरी जिले के अंगारा-दाही ग्राम पंचायत के बुजुर्ग सरजूराम साहू,सुखबती बाई,कुंतीबाई,गीताबाई और ग्राम बोडरा के लीलाराम साहू ने राज्य सरकार को तीर्थयात्रा कराने के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के संचालक रजत कुमार, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी सहित नागरिकगण उपस्थित थे।