पद्म पुरस्कार तक को अपनी गंदी राजनीतिक-सोच में शामिल करना कांग्रेस सरकार का वैचारिक दीवालियापन : भाजपा

Chhattisgarh

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने प्रदेश सरकार के प्रवक्ता कृषि मंत्री रवीन्द्र चौबे के उस बयान को मानसिक दीवालिएपन का परिचायक बताया है जिसमें शराब के लिए भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को पद्म पुरस्कार देने की बात कही है। श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्ण शराबबंदी की कसमें खाकर उस पर अमल नहीं करने के ग्लानि-बोध ने समूची सरकार की सोच-समझ पर पाला मार दिया है। संवैधानिक मर्यादा के प्रति अशिष्टता की सारी हदें लांघते जा रहे कांग्रेस के नेताओं-मंत्रियों ने अपनी भाषा का संयम तो खो ही दिया है, अब पद्म पुरस्कार तक को अपनी गंदी राजनीतिक-सोच में शामिल करने के मंत्री चौबे के वैचारिक दीवालिएपन की जितनी निंदा की जाए, कम है।

श्रीवास्तव ने कहा कि पद्म पुरस्कार देश के सम्मान का प्रतीक है और इसे प्राप्त करना हर भारतवासी के लिए गर्व का विषय होता है, उस पुरस्कार के प्रति मंत्री सरकार का बड़बोलापन उनके मानसिक असंतुलन का परिचायक है जिसके इलाज की तत्काल पहल कांग्रेस नेतृत्व को करनी चाहिए।  कहा कि पद्म पुरस्कार, पद्म भूषण, पद्म विभूषण, शौर्य पुरस्कारों और भारत रत्न जैसे गौरवशाली सम्मान का महत्व उस कांग्रेस के लोग कभी आँक भी नहीं सकते, जिस कांग्रेस ने ख़ैरात की तरह अपने भटैतों को ये पुरस्कार बाँटे हों और एक ख़ानदान ने जीते-जी अपना हक़ मानकर जिस पर कुंडली मारने की शर्मनाक मिसाल पेश की हो।  श्रीवास्तव ने कहा कि पद्म पुरस्कारों, शौर्य पुरस्कारों और भारत रत्न की गरिमा तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थापित की है और ज़मीनी तौर पर उल्लेखनीय समाज-सेवा, देश-सेवा करने वालों तक इस गौरवशाली सम्मान की चमक पहुँची है। श्रीवास्तव ने कहा कि जिन पुरस्कारों को अर्जित करने वाले भारतीयों की आने वाली पीढ़ियाँ भी गर्व की अनुभूति करती हैं, उन पुरस्कारों के प्रति सरकार के प्रवक्ता ने जो विष-वमन किया है, वह दुखद है और कांग्रेस द्वारा की जा रही ओछी राजनीति का परिचायक है। श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस हमेशा अपनी राजनीति चमकाने देश का अपमान करने से बाज नही आती।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *