नगर पंचायत चंद्रपुर का एक और भ्रष्टाचारी का मामला हुआ उजागर

Chhattisgarh

चित्रा पटेल : चंद्रपुर : चंद्रपुर मां चंद्रहासिनी शक्तिपीठ है मां की नगरी में नगर पंचायत चंद्रपुर लगातार भ्रष्टाचारी करते नजर आ रही है नगर पंचायत चंद्रपुर का एक बड़ा ही मामला खुलासा हुआ है।

बोर खनन कार्य के टेंडर में प्राप्त दर में आश्चर्यजनक परिवर्तन कर काट छाट कर दर परिवर्तन कर, बिना फाइल लिखे पहले भुक्तान 13लाख रुपया का सांठगांठ कर भुगतान किया गया।फिर बाद में नस्ती लिख कर बनाया गया, और उसमे मुख्य नगर पंचायत चंद्रपुर पूर्व सीएमओ का फर्जी हस्ताक्षर कर नस्ति बनाया गया है। इसकी भनक पूर्व सीएमओ दिवंगन को भनक होने पर उन्होंने एसपी जांजगीर को एफआईआर (FIR) कर राइटिंग एक्सपर्ट से जांच कराने की मांग की है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह फर्जी नस्ती चलाने वाले ने  पीडब्ल्यूडी लिपिक , सहायक ग्रेड 3, एक दिन का CMO),अभियंता  ,अध्यक्ष , सीएमओ शामिल है।

इन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने लाभ के लिए अपने चहेते ठेकेदार को 13लाख रुपए तत्काल भुकतान कर दिया।

आपको बता दे की पूर्व में रामनारायण यादव 2019में सस्पेंड था और इसकी विभागीय जांच जारी है ।

और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक भानु शुक्ला सहायक ग्रेड 3 के विरुद्ध 3 मामले जांजगीर चांपा पुलिस अधीक्षक और थाना चंद्रपुर में मामला की जांच जारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक डभरा माननीय व्यवहार न्यायालय में 420 का मामला भानु शुक्ला के विरुद्ध नगर पंचायत चंद्रपुर ने स्वातः दर्ज कराया गया है।पूर्व पार्षद निधि से बिना सामग्री खरीदी किए बगैर भुगतान कराने का मामला पर भानु शुक्ला निलंबित भी हुआ था।

एक दिन के सीएमओ चंद्र शेखर सारथी ने भानु शुक्ला को बहाल कर दिया फर्जी तरीके से और बोर खनन में नस्ती तैयार करने कार्य लिया गया था। वहीं उप अभिनता मुज्जफर हुसैन ने बिना बोर खोदाई किए बगैर एवम बोर पंप का बिना भौतिक सत्यापन किए बोर खनन स्थल के परिवर्तन के संबंध में शासन ,परिषद मीटिंग या पीआईसी मीटिंग में स्वीकृति बैगर ही बिना फोटो ग्राफ के तथा पानी बिना टेस्ट कराए बोर खनन नियम शर्तों का उलंघन करते बिल तैयार किया है।
यह उक्त अभियंता मुज्जफर हुसैन ने बिलाई गड़ नगर पंचायत में स्थल परिवर्तन की स्वीकृति नहीं लेकर कार्य कराने के कारण निलंबित होकर बहाल हुए ।बहाल होते हुए  नगर पंचायत चंद्रपुर में पोस्टेड है।
वहीं अधयक्ष अनिल अग्रवाल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने लाभ के लिए कार्य करने के कारण सचिव नगरीय प्रशासन रायपुर एच आर दुबे ने पद से हटाने के लिए नोटिस जारी किया जा चुका है ,लेकिन मामला दबा हुआ प्रतीत हो रहा  है।
अब अध्यक्ष अनिल अग्रवाल का और मामला भ्रष्टाचार का घोर आर्थिक अनियमितता का मामला सामने आ गया है।
वहीं अतिरिक्त प्रभार सीएमओ ने सारे नियम कायदों को दरकिनार कर अपने पद का दुर्योपयोग कर राशि निकालने में कोई देरी नहीं किया है।

बोर खनन मामले पर सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई परंतु नगर पंचायत चंद्रपुर के जनसूचना अधिकारी रामनारायण  व अपीलीय जनसूचना अधिकारी सीएमओ मोहन लाल विस्कर्मा के द्वारा कोई जानकारी मेरे द्वारा आवेदन पत्र में उल्लेख पाते पर आज तक कोई जानकारी नहीं दी गई है, सीधा सीधा सविधान का भी उल्लंघन किया गया है।
अब देखना यह है कि शासन प्रशासन द्वारा मामले का संज्ञान आने पर शासन किस तरीका से कार्यवाही करेगा।

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