जशपुर : जशपुर जिले में पदस्थ महिला SDM के रवैये से उनके अधीनस्थ अधिकारी—कर्मचारी परेशान हो गए हैं। आरोप है कि मैडम उनसे फल-सब्जी से लेकर मुर्गा-मटन और कबूतर तक की डिमांड करती हैं। लोगों का कहना है कि सामान लाने पर पैसे भी नहीं देती। फ्री में खाना चाहती थी,इतना बड़े अफसर होने के बाद भी ऐसा हरकत।
SDM मैडम से तंग आकर कर्मचारियों ने उनकी शिकायत कलेक्टर महादेव कावरे से की है। जिसमें बगीचा की SDM ज्योति बबली कुजूर के ऊपर आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है। शिकायत करने वालों में तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी और राजस्व विभाग के कर्मचारी शामिल हैं।
कलेक्टर को दिए गए आवेदन में एसडीएम के खिलाफ शिकायतों का अंबार लगा दिया गया है। पत्र में 8 प्वाइंट्स के जरिए SDM ज्योति बबली पर बेहद ही संगीन आरोप लगाए गए हैं, बल्कि मारने-पीटने तक की धमकी देने की बात भी कही गयी है। शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर से निवेदन किया है कि SDM मैडम को जिले में अटैच कर उनके खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की जाए।
होली गिफ्ट के नाम पर वसूले 2 लाख रुपए
एसडीएम पर आरोप है कि कलेक्टर को होली गिफ्ट दिए जाने के नाम पर उन्होंने 2 लाख रुपए वसूलने का निर्देश दिया। इसके लिए बगीचा तहसीलदार को पटवारी और राजस्व निरीक्षकों से 7-7 हजार रुपए जमा कराने को कहा। तहसीलदार ने दो लाख रुपए जमा नहीं कर पाने की बात कही, तो उन्हें मीटिंग से बाहर निकाल दिया गया।
सब्जी, फल और नॉनवेज का बिल कर्मचारी भरते हैं
कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि SDM बगीचा अपने घरेलू व निजी उपयोग की सामग्री राशन, सब्जी, फल, जूस, दही, ड्राईफूट्स, देशी मुर्गा, मटन, कबूतर, बर्तन को पटवारियों, राजस्व निरीक्षकों और क्लर्क से मंगवाती हैं। इसके बिल का भुगतान भी कर्मचारियों को ही करना पड़ता है।
ट्रांसफर के नाम पर ब्लैकमेल का आरोप
कर्मचारियों का आरोप है कि SDM ने 17 फरवरी को पटवारियों को ट्रांसफर करने के नाम पर ब्लैकमेल कर 25 से 30 हजार रुपए वसूल किए हैं। जिन्होंने मना कर दिया, उनका दूरस्थ और पाट क्षेत्र में ट्रांसफर किया गया है। वहीं मैडम द्वारा प्रोटोकाॅल ड्यूटी के नाम पर पटवारियों और आरआई से जबरन सामानों की खरीदारी कराई जाती है। फिर खरीदे गए सामान को घर पहुंचाने के लिए कहती हैं।
– बगीचा SDM ज्योति बबली कुजूर
आवेदन में कहा गया है कि SDM बगीचा द्वारा साप्ताहिक मीटिंग में पटवारियों को अपमानित किया जाता है एवं अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। जैसे- ‘दो थप्पड़ लगाउंगी तो भी मेरा कुछ नहीं कर सकते हो तुम लोग’…’किसी को मुझसे कोई भी प्रश्न पूछने का अधिकार नहीं है और इस लायक भी नहीं हो तुम लोग’…ऐसा कहकर मीटिंग हॉल से पटवारियों को बाहर निकल जाने कहा जाता है।
पत्र में कहा गया है कि सरकार की ओर से गरीबों को निशुल्क सामग्री वितरित करने के लिए ‘हमर अंचरा’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके लिए SDM द्वारा बैंक खाते में कर्मचारियों व प्रतिष्ठित लोगों से 1000 से लेकर 5 हजार रुपए तक चंदा जमा करवाया गया है। एकाउंट में करीब 20 से 25 लाख रुपए जमा कराए गए हैं। सामग्री वितरण के नाम पर मैडम द्वारा कमीशनखोरी की जा रही है।
इधर, SDM ज्योति बबली कुजूर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों व शिकायतों को निराधार बताया है। इसके आगे वे बात करने को तैयार नहीं हैं। वहीं कलेक्टर महादेव कावरे ने बताया कि डाक के माध्यम से शिकायत मिली है। पूरे मामले में जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की