रायपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को प्रदेशभर में जिला कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा और पीएससी की गड़बड़ियों के खिलाफ दस सूत्रीय मांग रखी। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी उमेश घोरमोड़े ने बताया कि भाजयुमो पीएससी में गड़बड़ी को लेकर प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन कर रहा हैं। बीते दिनों भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदेशभर में युवा अधिकार हस्ताक्षर अभियान चला कर प्रदेशभर के युवाओं के समक्ष पीएससी की गड़बड़ी के विरोध में अपनी दस सूत्रीय मांगों से अवगत करवाते हुए हस्ताक्षर अभियान चलाया जिसमे प्रदेशभर के युवाओं का अपार समर्थन प्राप्त हुआ। इसी कड़ी में भाजयुमो के चरणबद्ध प्रदेश स्तरीय आंदोलन के तहत भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू के आह्वान पर भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को प्रदेशभर में सभी जिला मुख्यालयों में छत्तीसगढ़ के युवाओं के हित में ज्ञापन सौंपा।
*भाजयुमो राजधानी रायपुर द्वारा प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू के नेतृत्व में कोविड 19 गाइडलाइन का पालन करते हुए महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। राजधानी रायपुर में प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू, जिला अध्यक्ष राजेश पांडेय, हेमंत सेवलानी, अमित मैशेरी, उमेश घोरमोड़े ज्ञापन देने कलेक्टरेट परिसर पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।*
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू ने कहा कि लगातार प्रदेश के युवाओं का अहित हो रहा हैं, युवाओं को छला जा रहा हैं। लगातार पीएससी में गड़बड़ियां उजागर हो रही हैं यह दुर्भाग्यपूर्ण हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ के युवाओं के साथ खड़ा हैं और पीएससी की गड़बड़ियों के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन कर रहा हैं। आज हमने प्रदेश के युवाओं के हित में दस सूत्रीय मांग ज्ञापन के रूप में सौंपा हैं। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू ने पीएससी की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस संस्थान का काम युवाओं के भविष्य को बनाने का वही संस्थान प्रदेश की कांग्रेस सरकार के इशारे पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। लगातार अनियमितता व गड़बड़ियों की शिकायतें आ रही है लेकिन इस पर पीएससी की तरफ से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी और ना ही प्रदेश सरकार इस विषय पर गंभीर नजर आ रही हैं। इससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश की सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर चिंतित नहीं है। पूरे प्रदेश में पीएससी के कार्यप्रणाली से युवा आक्रोशित हैं। पीएससी की कार्यप्रणाली से पीएससी की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया हैं।