किसानों का राह तकता रहता है बरौदा धान खरीदी केन्द्र

Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ : रायपुर  शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु  प्रदेश मे सोसायटियों के अधीन बनाये गये केन्द्रों मे से एक केंद्र ऐसा भी है जहाँ किसान अपनी पारी का नहीं वरन खरीदी केंद्र के कर्मी किसानों का धान लेकर आने का इन्तजार करते रहते हैं । यह खरीदी केंद्र नया रायपुर के ग्राम बरौदा मे स्थित है । इस खरीदी केंद्र मे महज 133 किसान पँजीकृत हैं जिनके 137.10 हेक्टेयर जमीन के 5072.70 क्विंटल धान  को खरीदने कर्मी पूरे तीन माह पलक पावडे बिछाये बैठे रहते हैं।

ज्ञातव्य हो कि पूरे प्रदेश में सरकार द्वारा  किसानों के खरीफ धान को समर्थन मूल्य पर खरीदा जाता है। इस धान की खरीदी हेतु सोसायटियों के अधीन धान खरीदी केंद्र बनाये गये हैं जहाँ 1 नवंबर से 31 जनवरी तक यह धान खरीदा जाना है। अमूमन इन केन्द्रों मे धान बेचने मारामारी की स्थिति रहती है पर यह केंद्र ठीक इसके उलट है। ऐसा नहीं कि पहले भी इस केंद्र मे यही स्थिति रही हो ।  नया रायपुर के निर्माण के लिये इस केन्द्र के गांवों को शासन द्वारा निगल लिये जाने के चलते यह स्थिति निर्मित हुयी है । बरौदा सोसायटी के अधीन आने वाले 6 ग्राम बरौदा ,चीचा ,राखी ,कयाबाँधा ,झाँझ व रमचँडी के किसानों द्वारा धान बेचने यह केन्द्र बनाया गया है । पहले यहां भी धान बेचने मारामारी की स्थिति रहती थी पर अब इन सभी ग्रामों मे कुल मिलाकर 133 किसानों के पास महज 137.10 हेक्टेयर जमीन ही भूस्वामी हक मे बाकी रह गया है । इसी भूमि के कुल 5072 .70 क्विंटल धान शासन को खरीदना है । बीते 28 जनवरी को इस केंद्र का दौरा करने के बाद किसान सँघर्ष. समिति के सँयोजक भूपेन्द्र शर्मा ने यह जानकारी देते हुये बतलाया है कि अमूमन प्रत्येक केन्द्र मे प्रतिदिन औसतन 1000 क्विंटल धान की खरीदी की जाती है और इस हिसाब से अधिकतम एक सप्ताह के भीतर इस धान को बिक जाना था पर अपने ही पूँजी पर खडे सोसायटी के लाभ-हानि की चिंता छोड़ किसानों द्वारा आराम से धान पहुँचाने की प्रवृत्ति के चलते बीते 28 जनवरी तक 4888 क्विंटल धान ही केन्द्र तक पहुंच पाया था व 144.70 क्विंटल धान पहुँचना शेष रह गया था । इसकी वजह से सोसायटी को  धान खरीदी के तीन माह मे होने वाले नुकसान व फिर परिवहन तक देखरेख मे होने वाले अतिरिक्त व्यय को देखते हुये आगामी वर्ष में इस केंद्र को किसी नजदीकी केन्द्र मे समाहित करने व  आसन्न 31 जनवरी को धान खरीदी बँद होने के तत्काल बाद धान का परिवहन करा सोसायटी को क्षति से बचाने प्रभावी व्यवस्था की माँग की है ।

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