नीट-जेईई परीक्षा को लेकर पुनर्विचार याचिका का खारिज़ होना ग़ैर भाजपा राज्य सरकारों की नैतिक हार : भाजपा

Chhattisgarh

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी चुनाव विधिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयाजक नरेशचंद्र गुप्ता ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) को स्थगित किए जाने की मांग करने वाली पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज़ कर दिए पर इसे ग़ैर भाजपा राज्य सरकारों की नैतिक हार बताया है। गुप्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि इन परीक्षाओं को स्थगित करने से छात्रों का करियर संकट में पड़ जाएगा।

भाजपा चुनाव विधिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयाजक गुप्ता ने कहा कि कोरोना आपदा की आड़ लेकर ग़ैर भाजपा शासित राज्यों की सरकारों ने जिस तरह ग़िरोहहंदी करके केंद्र सरकार के निर्णय को हर तरीक़ों से रुकवाने की कोशिशें कीं, उसकी नैतिक ज़िम्मेदारी लेकर अपने दोहरे मापदंडों का बोझ ढोती इन सरकारों को अब सत्ता से अलग हो जाना चाहिए। भाजपा सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करती है और इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती है। गुप्ता ने कहा कि अपने-अपने राज्यों में कोरोना की रोकथाम में बुरी तरह विफल ग़ैर भाजपा राज्य सरकारों ने अपने नाकारापन को ढँकने की जो हरक़त की है, उसे देश का युवा वर्ग भली-भाँति देख-समझ रहा है और वह इस साजिशाना राजनीतिक ग़िरोहबंदी से ज़रा भी प्रभावित हुए बगैर अपने सुहरे भविष्य की रचना में जुटा हुआ है और इसी तरुणाई से देश को बहुत आशा है। कोरोना गाइडलाइन का सरेआम उल्लंघन करके कोरोना संक्रमण फैलाने और कोरोना की आड़ में केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ कुटिल राजनीति करने वालों के मुँह पर सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला एक क़रारा तमाचा है।

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