अरुण गुप्ता : सीधी। मध्य प्रदेश : उनके लिए यह सबसे बड़ी सीख है जो बेटा और बेटियों में फर्क देखा करते हैं यहां कोरोना काल में बेटियों ने जी तोड़ मेहनत कर बेटों से आगे बेटी ने बाजी मारी है। जहां लॉकडाउन के पहले चरण से ही डॉ रश्मि सिंह तथा लैब टेक्नीशियन निशी सिंह चौहान शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक जीवन का परवाह नहीं करते हुए सैंपलिंग का काम किया है।

कलेक्टर रवींद्र चौधरी तथा सीएमएचओ बीएल मिश्रा के मार्गदर्शन में सीधी शहर समेत मझौली मड़वास कुसमी रामपुर नैकिन अमिलिया बहरी में लॉक डाउन के बाद से ही दोनों महिला कर्णवीरों ने मोर्चा संभाला था। कलेक्टर द्वारा बनाई गई अलग-अलग टीम में सुजाता शर्मा वरुण सिंह धनंजय सिंह संजय द्विवेदी प्रदीप पटेल भी टीम के साथ जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं। यह उनके लिए सबसे बड़ी सीख है जो बेटा और बेटियों में फर्क देखा करते हैं जब पूरा देश समेत जिला संकट में आया तब बेटियों ने अपना कदम आगे बढ़ाया है। वही दोनों महिला स्वास्थ्य कर्मचारी डॉ रश्मि सिंह तथा लैब टेक्नीशियन निशी सिंह चौहान ने इस समय अर्बन में अपनी सेवाएं जारी रखी है। जहां सौ से दो सौ तक डेली के सेंपलिंग की जा रही है।
जिले में फिर से बरपा कोरोना का कहर एक साथ 22 मिले पॉजिटिव लगातार सेंपलिंग के बाद भी जिले में कोरोनावायरस का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है जहां कोरोना से संक्रमितो की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। बीते रविवार को आई रिपोर्ट में 12 नए कोरोनावायरस से पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं रविवार को आई ताजा रिपोर्ट में अमिलिया थाना के पुलिस कर्मी भी शामिल है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बी एल मिश्रा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 78 लोगों की सैंपलिंग के बाद आई जांच रिपोर्ट में 22 कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं इसके साथ ही जिले में अब संक्रमितो का आंकड़ा 314 के पार पहुंच गया है एक ओर जहां स्वास्थ्य अमला कोरोनावायरस से संक्रमित को स्वास्थ्य करने में जुटा है तो वहीं दूसरी ओर कोरोनावायरस से पाजटिव मरीजो में इजाफा देखने को मिला है।