डॉ. सिंह पर कार्रवाई की मांग करने वाले कांग्रेस नेता, मुख्यमंत्री के पिता के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग करने का साहस दिखाएँ

Chhattisgarh

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने जशपुर ज़िले में आदिवासियों के आराध्य देवी-देवताओं की मूर्तियाँ उठवाए जाने और चोरी चले जाने को लेकर चिंता जताने पर उलटे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के ख़िलाफ़ वैमनस्यता फैलाने का आरोप लगाने पर तंज कसते हुए कहा है कि जब इस मुद्दे पर बात चलेगी तो वह सीएम निवास तक जायेगी, तब कांग्रेस के बड़बोले नेताओं और प्रवक्ताओं की बोलती बंद हो जाएगी! उपासने ने कांग्रेस नेताओं को चुनौती दी है कि वैमनस्यता के मुद्दे पर कांग्रेस के नेता चाहें तो डिबेट करा लें फिर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा कि वैमनस्यता के पाप का दोषी कौन है?

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उपासने ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के मुँह से वैमनस्यता की मुख़ालफ़त हास्यास्पद ही लगती है। जिस कांग्रेस का समूचा राजनीतिक चरित्र वैमनस्यता का पर्याय बना हुआ है, वे आज भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह की आशंका और चिंता से इतने विचलित क्यों हो गए? डॉ. सिंह ने आदिवासियों के आराध्य देवी-देवताओं की मूर्तियों के गायब होने के पीछे किसी बड़े षड्यंत्र की घनीभूत आशंका जताई और कहा कि यह आदिवासी परंपरा, हिन्दुत्व के प्रति विश्वास को क्षतिग्रस्त करने की साजिश है।  उपासने ने सवाल किया कि हिन्दुत्व की रक्षा की बात होते ही कांग्रेस के नेताओं को क्यों मरोड़ उठने लगता है? क्या यह वैमनस्यता नहीं है? डॉ. सिंह पर नाहक एफआईआर दर्ज करने की मांग करने वाले कांग्रेस नेता, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने की मांग करने का साहस दिखाएँ, जो लगातार छत्तीसगढ़ समेत दूसरे प्रदेशों में जाकर हिन्दुत्व, हिन्दुओं के आराध्य श्रीराम, प्रधानमंत्री और जाति विशेष के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करके वैमनस्यता फैलाने की सारी हदें पार करते नज़र आ रहे हैं। हैरत की बात तो यह है कि सीनियर बघेल राम, हिन्दुत्व, प्रधानमंत्री आदि पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर रहे हैं, और किसी को इसकी परवाह नही। मुख्यमंत्री का पिता होने के कारण उनको यह अधिकार नहीं मिल जाता कि लगातार वैमनस्यता फैलाकर वे आस्थाओं पर चोट करें। कांग्रेस नेता यह न भूलें कि मुख्यमंत्री बघेल के पिता पर कार्रवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री व गृह मंत्री भी हिन्दुत्व विरोधी बघेल को संरक्षण देने के आरोपी होंगे।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उपासने ने कहा कि कांग्रेस के नेता वैमनस्यता के मुद्दे पर दोहरे चरित्र का परिचय न दें। अपनी सांस्कृतिक अवधारणा की रक्षा के लिए चिंता करने को वैमनस्यता का नाम देकर कांग्रेस नेता ऐसे दुष्कृत्य पर पर्दा डालने की शर्मनाक कोशिश कर रहे हैं। उपासने ने कहा कि आदिवासियों के आराध्य देवी-देवताओं की मूर्तियाँ पूजास्थलों व मंदिरों से राज्य शासन का आदेश कहकर उठवाई जा रही हैं! मूर्तियों को ले जाने का विरोध हुआ तो लगभग आधा दर्ज़न गाँवों से मूर्तियाँ ‘चोरी चली’ गईं। सहिष्णुता का झंडा लेकर घूमने वाले कांग्रेस नेता प्रदेश सरकार को यह स्पष्ट करने के लिए कहने के बजाय कि, आख़िर ये मूर्तियाँ कहाँ हैं, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह पर लांछन लगाने पर उतर आए और पूरे मामले को सांप्रदायिक रंग देने का शर्मनाक कृत्य कर रहे हैं। उपासने ने कहा कि चूँकि रायगढ़-जशपुर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ काफी सक्रिय हैं और आदिवासियों के धर्मांतरण की शिकायतों के मद्देनज़र उनकी भूमिका संदेह के दायरे में मानी जाती रही हैं, इसलिए प्रदेश सरकार को इस मामले में अतिरिक्त सतर्कता बरतकर आदिवासियों की आस्था, विश्वास और पूजन-परंपरा की रक्षा करनी चाहिए। अब अगर डॉ. सिंह की इस सहज भावना में कांग्रेस नेताओं को वैमनस्यता दिखाई दे रही है तो कांग्रेस के नेताओं को अपनी मानसिक दशा के लिए किसी योग्य चिकित्सक के पास जाकर इलाज की कवायद करनी चाहिए।

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