संभाग आयुक्त चूरेंद्र ने अभनपुर तहसील के विभन्न ग्रामो का किया दौरा 

Chhattisgarh

रायपुर :  संभाग आयुक्त  आर चुरेद्र ने कलअभनपुर तहसील अंतर्गत कई ग्रामों का दौरा कर शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत हुए कार्यों का जायजा लेकर अधिकारियों को इमानदारी पूर्वक काम करने की समझाइश दी। उन्होंने अभनपुर तहसील अंतर्गत पुराने वृक्षारोपण फील्ड का निरीक्षण ,गिरदावरी कार्य एवं गौठान का निरीक्षण ,अभनपुर जनपद क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2008-09 से 2014-15 की अवधि में वन मंडल रायपुर की ओर से कैंपा मद के अंतर्गत कई गांव में पंच वन योजना, जलाऊ एवं चराई की योजना के तहत सुरक्षा व्यवस्था के साथ गांव में 15 हेक्टेयर से लेकर लगभग 40 से 50 हेक्टेयर के रकबा में शासकीय भूमि की सुरक्षा, प्रकृति संरक्षण ,पर्यावरण विकास की दृष्टि से वृहद वृक्षारोपण किया गया था । इनमें से ग्राम बेरडीह भाटा ,लुवई बांधा ,संकरी, राखी, खोपरा, भरेगा भांठा ,टेकारी आदि गांव का तहसीलदार शशि कुर्रे ,मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद श्री बघेल, वन परीक्षेत्र अधिकारी दुबे सहित अन्य अधिकारियों के साथ निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

संभागायुक्त चूरेंद्र ने विभिन्न ग्रामों में रोपित वृक्षों में से कुछ वृक्षों के काटे जाने की शिकायत तथा लगे हुए वृक्षों की जानकारी ली। उन्होंने गांवों में रोपित पौधों के फील्ड को और बेहतर करने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद एवं वन परीक्षेत्र अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत 1 माह के अंदर जहां जहां गेप हो गया है, पौधे मर गये है या काट लिये गये हैं उसके स्थान पर मनरेगा योजना के अंतर्गत वन विभाग की ओर से पौधा रोपित कराया जावे, हांलाकि सभी रोपित फिल्ड पंचायतों को हैण्ड-ओवर किया गया है लेकिन वन विभाग इस कार्य में अपनी भूमिका निभायें। पौध रोपित फिल्ड में ढलान की दिशा में जहां जहां डबरी बन सकता है वहां डबरी,तालाब का निर्माण जल संरक्षण की दृष्टि से जरूर करायें। रोपित फिल्ड में पौधों की सुरक्षा, देख-रेख व पोषण की दृष्टि से गांवों के सक्रिय महिला स्व सहायता समूहों को रोपित फिल्ड में उत्पादक व आर्थिक गतिविधि जैसे – वन औषधि, उद्यानिकी विकास, साख-सब्जी आदि की गतिविधि संचालित करने एक एक समूह को 3-5 एकड़ का फिल्ड सौंपा जाये, यह कार्य ग्राम सभा की विशेष बैठक आयोजित कर नियत किया जावे। जहां जहां ऑवला का पौधा, औषधि पौधा लगाया गया है वहां पौधा के चारों तरफ थाला बनाकर भविष्य में इन पौधों की पानी सिंचाई की व्यवस्था कर इनके माध्यम से महिला स्व सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने विशेष पहल करने के निर्देश दिये गये। इसी तरह विकास के अंतर्गत अन्य सभी गांवों में रोपित पौधों के क्षेत्र में उपरोक्तानुसार अभियान चलाकर कार्य करने के निर्देश दिये गये, पौध रोपित क्षेत्र में मवेशियों की चराई/प्रवेश बंद करने के विशेष निर्देश दिये गये। कुल मिलाकर अभनपुर जनपद क्षेत्र में रोपित पंचवन, जलाऊ,चराई हेतु रोपित पौधे के क्षेत्र को संरक्षित सुरक्षित रखने आर्थिक उपयोग करने व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बेहतर बनाने निर्देश दिये गये, इसके अतिरिक्त ग्राम टेकारी, बेरडीहभांठा, भंटगांव, धुवईबांधा, भरेंगाभांठा में हल्का पटवारी द्वारा किये जा रहे खरीफ फसल गिरदावरी का अवलोकन किया गया । तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों को निर्देश दिया गया कि गिरदावरी के साथ ही शासकीय भूमि पर अतिकमण जानकारी व रिपोर्ट लिया जावे साथ कृषि भूमि का भिन्न प्रयोजन में उपयोग करना पाया जाता है तो गिरदावरी में कृषि भूमि का रकबा कम करने के साथ डायवर्सन प्रकरण दर्ज कर सुनवाई करते हुए अर्धदण्ड व प्रब्याजि आरोपित कर संबंधों से राशि वसुली एक अभियान के तहत कराकर राजकीय कोष में राशि जामा कराने की कार्यवाही की जावे। इसी तरह डायवर्सन की पुराने शेष वसुली राशि भी अभियान में गिरदावरी के दौरान वसुली की कार्यवाही करायी जावे। उपरोक्त ग्राम भरेंगाभांठा एवं भटगांव में किसानों द्वारा बताया गया कि बंदोबस्त, त्रुटिसुधार के मामले आस-पास के गांवों में ज्यादा है। अतः तहसीलदार, नायब तहसीलदार व राजस्व निरीक्षण को विशेष निर्देश दिये कि खरीफ गिरदावरी के दौरान ही राजस्व निरीक्षण, पटवारी गांवों में कैम्प लगाकार बंदोबस्त, त्रुटिसुधार के मामलों का चिन्हांकन करें और प्रकरण दर्ज कर भविष्य में संबंधित गांवों में शिविर लगाकर मामलों में सुनवाई का अवसर सभी कार्यवाही सुनिश्चित करें। किसानों की इस विषय में विद्यमान समस्या व उलझनों का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिये ।आयुक्त श्री चुरेन्द्र ने सुराजी गांव योजना अंतर्गत ग्राम भटगांव में निर्माणाधीन गौठान कार्य का निरीक्षण गौठान समिति के अध्यक्ष, सरपंच, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद, तहसीलदार, नायब तहसीलदार आदि की उपस्थिति में किया गया। गौठान के फिल्ड में चल रहा विकास के तहत नेपिअर व अन्य घास लगाया गया है। वर्मी टैंक, शेड, वाटर टैंक आदि कार्य अंतिम चरण में है गौठान के फिल्ड में आवश्यकतानुसार मुरूम, फिंसिंग कर अवारा मवेशियों को गौठान में शीघ्र रखने के निर्देश दिये गये ताकि किसानों की फसल सुरक्षित रह सके। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद को कड़े निर्देश दिये गये कि गौठान के कार्य को अभियान चलाकर शीघ्र पूर्ण करायी जावे। उन्होंने मौके पे उपस्थित सभी अधिकारी कर्मचारी को शासकीय भूमि पर अतिकमण न हो जो खुले रूप में बेजा कब्जा किया गया है उसे हटाने के लिए अभियान में कार्य करने के निर्देश दिए।

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