बीजापुर-बीजापुर शांतिनगर में आकर बसे परिवारों के बच्चों के लिए एक खास स्कूल बनने जा रहा है। बीजापुर कलेक्टर केडी कुंजाम ने कृषि क्षेत्र में देश में अव्वल आने पर जिले को केन्द्र से मिले तीन करोड़ रूपए की राशि का इस्तेमाल नक्सल पीड़ित बच्चों के लिए स्कूल बनाने के अलावा और भी क्षेत्रों में कार्य किया जायेगा।
इस साल फरवरी में बीजापुर कृषि क्षेत्र में देश भर में रैंकिंग में अव्वल था। इस जिले को इसके लिए इसी माह 3 करोड़ रूपए नीति आयोग से दिए गए। कलेक्टर केडी कुंजाम ने पत्रकारों को बताया कि इस राशि का इस्तेमाल विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शांतिनगर में ज्यादातर परिवार नक्सल पीड़ित हैं और यहां से प्राथमिक शाला खोलने की मांग भी आई थी। इसके मद्देनजर यहां एक विशेष स्कूल खोला जा रहा है। यहां एक सर्वसुविधायुक्त भवन बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन का चिन्हांकन भी हो गया है। एक दो दिन में काम शुरू हो जाएगा। इसमें बच्चों के लिए सारी सुविधाएं होंगी। शिक्षकों का समायोजन कर यहां पद स्थापना कर दी जाएगी। दरअसल स्कूल को मॉडल रूप दिया जाएगा।
कलेक्टर केडी कुंजाम ने बताया कि मध्यम एवं गंभीर कुपोषित बच्चों को सामान्य स्थिति में लाने के लिए सब्जी देना जरूरी है लेकिन हर समय सब्जी उपलब्ध नहीं होती है। इसके लिए आंगनबाड़ी परिसर में ही बाड़ लगाकर सब्जी उत्पादन किया जाएगा। फिलहाल 100 आंगनबाड़ियों का चयन किया गया है। यहां पोषण वाटिका बनाई जाएगी। इससे बच्चों के लिए हमेषा ही ताजा सब्जी मिल सकेगी।
उन्होंने बताया कि तीन करोड़ की ही राशि में से चारों ब्लॉक के 140 स्कूलों में नए शौचालय बनाए जाएंगे और पुराने शौचालयों की मरम्मत की जाएगी। 60 नए शौचालय बनाए जाएंगे और 80 शौचालयों की मरम्मत की जाएगी। बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय होंगे।